जींद। भिवानी रोड स्थित दर्पण कम्युनिकेशन सोसायटी के दर्पण रिहैबिलिटेशन सेंटर एवं स्पेशल स्कूल में शुक्रवार को प्रारंभिक हस्तक्षेप कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान निदेशक डॉ. आशुतोष ने किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है इसलिए उन्हें आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने में समाज को सहयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में जन्म से छह वर्ष तक के बच्चों में विकासात्मक देरी, दिव्यांगता और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों की समय पर पहचान तथा उचित देखभाल व उपचार की जानकारी दी गई। शिविर में 16 दिव्यांग बच्चों के परिजनों ने भाग लेकर विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त किया।
डॉ. आशुतोष ने बताया कि प्रारंभिक हस्तक्षेप का उद्देश्य बच्चों की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक और संचार संबंधी क्षमताओं का विकास करना है, ताकि वे अपनी प्रतिभा का बेहतर उपयोग कर सकें। उन्होंने बताया कि दर्पण संस्था द्वारा रिहैबिलिटेशन सेंटर एवं स्पेशल स्कूल के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के साथ प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
इस दौरान कार्यकारिणी सदस्य डॉ. राजेश्वर, जगदीश, अर्चना, कोर्स कोऑर्डिनेटर ब्रजराज , सहायक प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र सिंह, सोमलता, लेक्चरर दीप्ति, मीनू , रवित बधवार, साइकोलॉजिस्ट डॉ. मनीष कुमार, विशेष शिक्षक प्रमोद, अंकित, हर्षित, अर्चना, सुनैना, सुमित, राजरानी, वीरेंद्र, नवनीत कौर और सतविंदर सिंह मौजूद रहे।