जींद। जिले में दो दिन से लगातार वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। सुबह के समय स्मॉग छाया रहने से अंधेरे जैसी स्थिति रही। धूप निकलने के बाद ही स्मॉग छंटा। दिन में औसतन वायु प्रदूषण का सूचकांक 350 तक रहा, जो सुबह के समय 500 तक पहुंच गया था। स्मॉग अधिक होने की वजह से आंखों में जलन महसूस हुई। अस्थमा रोगियों को वायु प्रदूषण के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वैसे तो वीरवार को दीपावली का त्योहार मनाया गया, लेकिन शुक्रवार को भी काफी लोगों ने दीपावली का त्योहार मनाया। इस दौरान लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। आतिशबाजी से वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया। इन पटाखों का धुआं अब वातावरण में फैल गया है। यह धुआं अब आंखों में जलन करने लगा है। इसी कारण एक्यूआई 350 तक पहुंच गया। यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है। सुबह के समय स्मॉग छाया रहा, जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन लोगों को पहले से अस्थमा की बीमारी है, उनके लिए यह काफी परेशानी पैदा कर रहा। अस्थमा रोगियों को वैसे ही सांस लेने में अधिक परेशानी होती है, लेकिन वायु प्रदूषण के कारण उनकी यह परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।
आंखों में हो रही जलन
सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल ने कहा कि स्मॉग अधिक होने के कारण आंखों में जलन महसूस हो रही है, इसलिए आंखों को दिन में चार-पांच बार ठंडे पानी से धोना चाहिए। इसके अलावा चश्मा लगाना चाहिए। अस्थमा रोगियों को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि ज्यादा परेशानी हो तो मरीजों को तुरंत अस्पताल में जाकर इसकी जांच करवानी चाहिए।
एक्यूआई की आदर्श स्थिति
शून्य से 50 : अच्छा
51 से 100 : संतोषजनक
101 से 200 : मध्यम
201 से 300 : बुरी
301 से 400 : बहुत बुरी
401 व अधिक : अति गंभीर
वायु प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन कदम उठा रहा है। निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। लोगों को किसी भी सूरत में आग नहीं लगानी चाहिए। यदि हो सके तो वाहनों का भी कम इस्तेमाल करना चाहिए। -मोहम्मद इमरान रजा, डीसी, जींद।
02जेएनडी25 : सुबह के समय आसमान में छाए स्मॉक के कारण फैली धुंध जैसी चादर। संवाद
02जेएनडी25 : सुबह के समय आसमान में छाए स्मॉक के कारण फैली धुंध जैसी चादर। संवाद
02जेएनडी25 : सुबह के समय आसमान में छाए स्मॉक के कारण फैली धुंध जैसी चादर। संवाद