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वक्फ बोर्ड की जमीन को लेकर अदालत में पक्ष रखने पहुंचे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी

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वक्फ बोर्ड की जमीन को लेकर एसडीएम की अदालत में पक्ष रखने पहुंचे लोग नारेबाजी करते हुए। - फोटो : Jind
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हरियाणा वक्फ बोर्ड की करोड़ों रुपये कीमत की जमीन को लेकर विवाद फिर गहरा गया है। इसको गोहियां गांव के अनिल कुमार नामक व्यक्ति ने 3 साल के पट्टे पर अगस्त 2018 में लिया था। पट्टे का करीब आधा समय निकल चुका है। जमीन का रकबा 3144 वर्ग गज है। इसके कब्जे को लेकर विवाद है।
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सफीदों पुलिस ने एसडीएम मनदीप कुमार की अदालत में इस जमीन को सीआरपीसी की धारा 145 के तहत अटैच करने का कलंदरा पेश किया हुआ है, जिसमें दोनों पक्षों की गवाही को एसडीएम ने 17 जनवरी की तारीख निर्धारित की है। उधर इस जमीन पर लंबे समय से कब्जे का दावा कर रहे खुल कॉलोनी वासियों ने, जो शुक्रवार को एसडीएम की अदालत में अपना पक्ष रखने आए थे, ने उपमंडल कॉम्प्लेक्स में प्रशासन तथा पट्टेदार के विरोध में नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि वह मर जाएंगे, लेकिन जमीन पर किसी और को काबिज नहीं होने देंगे। कॉलोनी वासियों का कहना था कि इस जमीन का पट्टा रिहायशी उद्देश्य के लिए जारी किया गया है, जबकि पट्टेदार नियमों को ताक पर रखकर इसको बेचने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना था कि वक्फ बोर्ड द्वारा जारी पट्टे की निर्धारित शर्तें भी पूरी नहीं की गई हैं। ऐसे में पट्टा पूरी तरह वैध नहीं। प्रशासन ऐसे पट्टेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा, जबकि पट्टेदार व उसके कई समर्थकों के खिलाफ कॉलोनी के लोगों ने बिटौड़े आदि जला जलाने, मारपीट करने की शिकायत पहले ही पुलिस को दे चुके हैं, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। कॉलोनी वासियों का कहना है कि वक्फ बोर्ड द्वारा पट्टा जारी होने के बाद इसे राजस्व विभाग में सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत कराना जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। एसडीएम मनदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने इस विवाद में झगड़े की आशंकाओं के दृष्टिगत इसे दफा 145 में अटैच करने का कलंदरा पेश किया है, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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