जांच में सामने आया कि स्लॉटर हाउस को अवैध तरीके से चलाया जा रहा था। स्लॉटर हाउस संचालक के पास न तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से एनओसी मिली और न ही एचएसआईडीसी की मंजूरी मिली। दोनों के पास मंजूरी के लिए स्लॉटर हाउस संचालक द्वारा आवेदन किए मिले।
जींद के औद्योगिक क्षेत्र में सीएम फ्लाइंग ने दबिश देकर बिना मंजूरी के चल रहे स्लॉटर हाउस को पकड़ा है। स्लॉटर हाउस पिछले कई महीनों चल चलाया जा रहा था। इसकी पहले भी एचएसआईडीसी को आसपास में उद्योग चलाने वालों ने एचएसआईडीसी के अधिकारी को शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
अब इसकी सूचना सीएम फ्लाइंग को दी गई। इस पर सीएम फ्लाइंग ने सब इंस्पेक्टर सतपाल, नरेश व चरण सिंह के नेतृत्व में टीम तैयार कर बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र के प्लाट नंबर 16 पर दबिश दी तो वहां पर कई िक्ंवटल मीट बरामद हुआ। टीम को फैक्ट्री में मैनेजर गुप्ता कालोनी निवासी आशीष मिला। जब मैनेजर से औद्योगिक ईकाई में फैक्ट्री चलाने के विभागीय दस्तावेज मांगे तो वह नहीं दिखा पाए।
इस दौरान जांच में सामने आया कि स्लॉटर हाउस को अवैध तरीके से चलाया जा रहा था। स्लॉटर हाउस संचालक के पास न तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से एनओसी मिली और न ही एचएसआईडीसी की मंजूरी मिली। दोनों के पास मंजूरी के लिए स्लॉटर हाउस संचालक द्वारा आवेदन किए मिले। इस पर एचएसआईडीसी व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने नोटिस भेजा है। इसके अलावा सीएम फ्लाइंग की टीम ने मुख्यालय को अवैध तरीके से चल रहे स्लॉटर हाउस की रिपोर्ट भेज दी।
विज्ञापन
पहले भी हुआ था स्लॉटर हाउस को लेकर विवाद
लगभग एक माह पहले स्लॉटर हाउस से पानी के साथ रक्त बहकर सड़क पर आ गया था। इसके आलावा आसपास की कागज समेत अन्य फैक्टि्रयों में घूस गया था। इसको लेकर भी एचएसआईडीसी को अन्य उद्योग संचालकों ने शिकायत दी थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई।