09जेएनडी32 : नागरिक अस्पताल में मरीजों का इलाज करते डॉ. राजेश भोला। संवाद
जींद। दिनभर उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिनभर कभी आसमान में बादल छा जाते हैं तो कभी धूप निकल आती है। उमस भरी गर्मी के कारण पसीना नहीं सूख रहा। इससे लोगों को त्वचा संबंधी रोग हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सक कम होने के कारण मरीजों को इंतजार भी करना पड़ रह है । मंगलवार को अधिकतम 34 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। हवा की गति छह किलोमीटर प्रति घंटा तथा हवा में नमी की मात्रा 67 प्रतिशत दर्ज की गई।
इस समय मौसम ऐसा हो रहा है कि उमस पीछा नहीं छोड़ रही है। उमस के कारण शरीर का गीलापन दूर नहीं हो रहा है। लगातार त्वचा गीली होने के कारण यह खराब हो रही है। लोगों के शरीर पर दाने उभर रहे हैं। अस्पताल में ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनको त्वचा संबंधी रोग हो रहे हैं। मंगलवार को अस्पताल ऐसे मरीजों की संख्या लगभग 100 के आसपास रही। समय पर शरीर की सफाई नहीं होना इसका मुख्य कारण है।
फिजिशियन डॉ. नरेश वर्मा ने कहा कि इस समय गर्मी के कारण त्वचा खराब हो रही है, इसलिए हर व्यक्ति को सुबह-शाम के समय स्नान जरूर करना चाहिए। शरीर का पसीना सूखने का प्रयास करना चाहिए। रात को सोते समय पाउडर का प्रयोग करके इससे बचा जा सकता है।
लगातार शरीर पसीने के कारण गीला रहने के कारण त्वचा संबंधी रोग हो रहे हैं। शरीर पर लाल रंग के दाने निकल रहे हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर उपचार जरूरी है, इसलिए सुबह-शाम के समय स्नान जरूर करना चाहिए। यदि दिन में समय लगे तो भी स्नान कर लेना चाहिए। -डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, जींद।
09जेएनडी32 : नागरिक अस्पताल में मरीजों का इलाज करते डॉ. राजेश भोला। संवाद