जींद। एडिशनल सेशन जज की अदालत ने हत्या के प्रयास के आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। यह मामला वर्ष 2020 से अदालत में चल रहा था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार खरकरामजी निवासी संदीप ने पुलिस एफआईआर में बताया था कि 25 अक्तूबर सुबह मकान में अपने चाचा के साथ बैठा था। उसी समय उसके मकान के बाहर आई-20 कार रुकी। वह और उसका चाचा सुरेश आवाज सुनकर बाहर निकले, तभी कार में से सुनील उर्फ शीला, बुटाना निवासी सचिन, शामलो निवासी शिवम, खरकरामजी निवासी कुलदीप, सिंधवीखेड़ा निवासी सोमबीर और पाई निवासी साहिल उतरे।
आरोपियों ने पिस्तौल से उनकी तरफ फायरिंग कर दी। वह मुश्किल से जान बचाकर घर में घुस गए और दरवाजा बंद कर लिया। गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए जिन्हें देखकर हमलावर कार से भाग गए थे। सदर थाना पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ जान से मारने की नीयत से गोली चलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली थी।
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अदालत में सबूत पेश किए थे तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। एडिशनल सेशन जज जयबीर की अदालत ने आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।