जींद। जिले में बेहतर मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित मोबाइल टावरों की स्थापना से पहले संबंधित स्थल का मौका निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। जिस भूमि पर टावर लगाया जाना है उसके मालिक की स्पष्ट सहमति भी सुनिश्चित करनी होगी। यह निर्देश बुधवार को लघु सचिवालय की नई बिल्डिंग में आयोजित जिला स्तरीय दूरसंचार समिति की बैठक में डीडीपीओ संदीप भारद्वाज ने दिए।
उन्होंने विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों की ओर से टावर स्थापना के लिए प्रस्तुत आवेदनों और संबंधित विभागों की रिपोर्टों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टावर स्थापना से जुड़े सभी मामलों का निपटारा निर्धारित नियमों और समय सीमा के अनुसार पारदर्शिता के साथ किया जाए।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थान पर टावर लगाने की अनुमति देने से पहले मौके की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रस्तावित टावर से सड़क, रास्ते या आम लोगों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
विकिरण और अग्नि सुरक्षा मानकों का हो पालन
संदीप भारद्वाज ने कहा कि मोबाइल टावरों से निकलने वाला विकिरण ट्राई और दूरसंचार विभाग (डॉट) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। इसके अलावा टावर स्थल पर बिजली सुरक्षा, उचित अर्थिंग, जनरेटर की सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था के पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
13 एजेंडा बिंदुओं पर हुई चर्चा
बैठक में जिला स्तरीय दूरसंचार समिति के समक्ष कुल 13 एजेंडा बिंदु रखे गए। इनमें टावर स्थापना से संबंधित शिकायतें भी शामिल थीं। सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट ली गई और नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में नियमों के पालन के साथ जनहित और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।