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साहब! बच्चों को स्कूल जाने से लगने लगा डर

Sat, 15 Nov 2014 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
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साहब! हमारे बच्चे स्कूल जाने से भी डरने लगे हैं। पता नहीं कब पुलिस कहां पर उठाकर जेल में डाला दे। पुलिस के इस डर से महिलाएं भी घरों में दुबकने में मजबूर हैं। पता नहीं कब पुलिस डकैती, अपहण और शरण देने के आरोप में जेल में डाल दे। यह बात शुक्रवार को बाल भवन के हॉल में डीसी अशोक कुमार मीणा से मिले डॉक्टरों से मारपीट के मामले में जेल में बंद आरोपियों के परिजनों ने कही।
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डीसी से मिले परिजनों ने बताया कि जेल में दो व्यक्तियों को बिना किसी कसूर के जेल में डाल दिया है। जेल में बंद सुभाष और राकेश खन्ना का मामले से दूर दूर तक कोई रिश्ता नहीं है, लेकिन दोनों पर पुलिस ने ऐसी धाराएं लगा दी है जैसे कोई बड़े अपराधी हो। पुलिस की ज्यादतियों से उनके घर रिश्तेदार भी आने से डरने लगे हैं। इसलिए साहब, मामले की निष्पक्षता से जांच करवाई जाए। परिजनों द्वारा पुलिस की कार्रवाई पर उठाए गए सवालों का डीसी अशोक कुमार मीणा जवाब नहीं दे पाए और यह कहकर परिजनों को शांत करते रहे कि उनके संज्ञान में यह बात नहीं थी। अगर ऐसा है तो इस मामले की निष्पक्षता से जांच करवाई जाएगी और जो लोग निर्दोष है उनको जेल में नहीं रहने दिया जाएगा।

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
डॉक्टरों से मारपीट करने आरोप में जेल में बंद राजू लखीना की पत्नी ने डीसी को बताया कि उसके पति की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस दौरान घर पर पहुंचे डीएसपी व पुलिस कर्मचारियों ने कहा कि चूजे (उसका बेटा) को उठा लो, मुर्गा (उसका पति) अपने आप आ जाएगा। सोमवार को सुबह पुलिस ने उसकी नाबालिग बेटे को उठा लिया और अवैध हिरासत में ले लिया। उसके पति द्वारा आत्मसमर्पण करने के बाद ही उसके नाबालिग बेटे को छोड़ा गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन का उनके परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया। इसलिए ऐसे पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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राकेश का मामले से कोई लेना देना नहीं
वार्ड 14 के पार्षद हरिश अरोड़ा ने डीसी से मिलने के दौरान लिखित में पत्र देकर कहा कि डॉक्टरों से मारपीट करने के मामले में पकड़ा गया न्यू मार्केट निवासी राकेश खन्ना का मामले से कोई लेना-देना नहीं है। घटना वाली रात राकेश खन्ना घर से बाहर भी नहीं निकला। पुलिस ने उस समय आरोपियों से पूछताछ करने के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन पुलिस ने उन पर भी ऐसे धाराएं लगा दी है, जोकि मामले में मुख्य आरोपियों पर लगी हैं। यह उनके साथ ज्यादती है। इसलिए इसकी निष्पक्षता सेेेेेेेेेेेे जांच करवाई जाए।

सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ के आरोप
व्यापारी सुनील कुमार ने कहा कि डॉक्टरों द्वारा जो फुटेज जारी की गई उसकी निष्पक्षता से जांच कराई जाए। लोगों को आशंका है कि उसके साथ छेड़छाड़ की है और प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया है। डीसी अशोक कुमार मीणा ने कहा कि सीडी की प्रमाणिता की जांच करवाई जाएगी, अगर उसमें कोई गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।

दोनों पक्षों में बनाया जाएगा तालमेल
डीसी अशोक कुमार मीणा ने कहा कि डाक्टरों तथा व्यापारियों के बीच में चल रहे विवाद को समाप्त करने के लिए प्रशासन द्वारा तालमेल बनाया जाएगा। परिजनों ने जो आरोप लगाए है उनकी जांच करवाई जाएगी और किसी भी व्यक्ति के साथ ज्यादती नहीं होने दी जाएगी।

प्रशासन ने कराई दोनों पक्षों की बातचीत
डीसी से परिजनों के मिलने के दो घंटे बाद ही प्रशासन ने मध्यस्था करते हुए लघु सचिवालय में डॉक्टर तथा व्यापारियों को बुलाया। जहां पर कांफ्रेंस हाल में दोनों पक्षों के बीच में लगभग एक घंटे बातचीत चली। इस दौरान डीसी अशोक कुमार मीणा, एसपी बदन सिंह मौजूद रहे। इस दौरान डॉक्टरों की तरफ से विश्वास दिलाया गया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने के पक्ष में नहीं है। इस दौरान व्यापारी पक्ष की तरफ से डॉक्टरों से समझौता करने का आह्वान किया, लेकिन बैठक में पहुंचे डॉक्टरों ने कहा कि इसके लिए डॉक्टरों की बैठक की जाएगी और उसके बारे में व्यापारी तथा प्रशासन को अगवत करवा दिया जाएगा।

विधायक पुत्र सहित दो को भेजा जेल
डॉक्टरों से मारपीट करने के आरोप में आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी डॉ. कृष्ण मिढ़ा, अशोक लखीना को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने आरोपी को 21 नवंबर तक जेल भेज दिया। हालांकि डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन बृहस्पतिवार को अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत को नामंजूर कर दिया था। उसके बाद बृहस्पतिवार शाम को शहर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था।

सरपंचों को भेजे हत्यारोपी संदिग्धों के फोटो
मृतक के परिजन तथा व्यापारियों से डीसी अशोक कुमार मीणा ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिले के सभी सरपंचों को संदिग्धों के फोटो भेजे गए हैं। जल्द ही सुराग लगने की उम्मीद है। व्यापारी दर्शनलाल उर्फ पिंकी के हत्यारों का सुराग लगाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। डीसी ने माना कि हत्यारों का गिरफ्तार करने में देरी हुई। इसके लिए क्षमा चाहते हैं। पुलिस ने शहर में हत्या के आरोपियों के पोस्टर लगाए हैं, इसके अलावा सोशल मीडिया व्हाट्सएप, फेसबुक पर आरोपियों के फोटो डाले गए हैं और उनकी सहायता से हत्यारों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पिंकी के हत्यारों का जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि इस मामले पुलिस द्वारा आरोपियों की सूचना देने वाले को एक लाख रुपये देने का ऐलान भी किया है। 
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