आभूषणों की खरीदारी करती महिलाएं।
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दीवाली के त्योहार की तैयारी में बाजार सज चुके हैं। इस बार लोग चांदी के लक्ष्मी-गणेश के सिक्के, मूर्तियां और चांदी के बर्तन खरीदने के लिए उत्साहित दिख रहे हैं। पिछले साल की मंदी को व्यापारी जहां 1984 से अब तक का सबसे बुरा दौर बता रहे हैं, वहीं इस बार व्यापारियों को कारोबार में तेजी की उम्मीद है। मार्केट में आई तेजी को देखते हुए जहां गारमेंट्स के व्यापारियों ने कपड़ों का स्टाक करना शुरू कर दिया है, वहीं ज्वेलर्स ने भी ग्राहकों को लुभाने के लिए चांदी के नए-नए डिजाइन के सिक्के, मूर्तियां व बर्तन बाजार में उतारे हैं। नए-नए डिजाइन के सिक्के व मूर्तियां ग्राहकों को खूब भा रही हैं और ग्राहक जमकर इसकी खरीदारी कर रहे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मार्केट में काम ज्यादा है। काम में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए उन्होंने इस बार हार्ट, एटएंगल, र्स्कल, राउंड की सेप के चांदी के सिक्के, चांदी की मूर्तियां, चांदी के कुल्हड़, चांदी के बर्तन व चांदी के नोट बाजार में उतारे हैं, जो ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं। इस बार चांदी के सिक्कों व मूर्तियों की काफी अच्छी बिक्री हो रही है। पिछली बार कामकाज काफी मंदा था, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष काफी अच्छा कामकाज निकलने की उम्मीद है।
खास डिजाइन हैं इस बार
ज्वेलर्स एसोसिएशन के उपप्रधान प्रदीप भोला ने बताया कि इस बार कामकाज में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए 10 ग्राम से लेकर 200 ग्राम तक के चांदी के नोट तैयार किए गए हैं। वहीं चांदी में गोल्डन पालिस के सिक्के व नोटों की मांग भी अच्छी है। नए-नए डिजाइन में चांदी की मूर्तियां भी मार्केट में आई हैं।
पिछले वर्ष मार्केट में जितनी मंदी आई वह मेरी जिंदगी में 1984 से लेकर अब तक का सबसे मंदी का दौर रहा है, लेकिन इस बार पिछले वर्ष से काफी अच्छे कारोबार की उम्मीद है। इस बार फसल अच्छी होने की उम्मीद है। यदि फसल अच्छी होती है तो कामकाज में काफी तेजी आएगी। इसलिए ग्राहकों के लिए नए-नए डिजाइन के कपड़े मंगवाए गए हैं। गर्म वस्त्रों में भी कई तरह के नए डिजाइन इस बार मार्केट में हैं।
- जय कुमार गोयल, प्रधान
रेडिमेंट गारमेंट्स एसोसिएशन, जींद