उचाना। इस बार तिथि और नक्षत्र की स्थिति को देखते हुए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी चार सितंबर को मनाई जाएगी। प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर पुजारी पं. सत्यनारायण शांडिल्य ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि चार सितंबर को रात दो बजकर 25 बजे शुरू होकर पांच सितंबर को रात 12 बजकर 13 बजे मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर चार सितंबर को पूरे दिन अष्टमी तिथि रहेगी। वहीं इस दिन रोहिणी नक्षत्र रात 11 बजकर चार मिनट बजे तक रहेगा। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, इसलिए जन्माष्टमी का व्रत एवं पूजन 4 सितंबर को करना शुभ माना जा रहा है। जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। संवाद