लॉकडाउन में दुकाने बंद होने के बाद भी भेजा गया हजारों रुपये का बिल दिखाते उचाना के दुकानदार।
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कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लगे लॉकडाउन के बाद बाजार भी बंद रहे। अब जब बिजली के बिल दुकानदारों के पास पहुंचे तो उसे देखकर उनका दिमाग चकरा गया है।
दुकानदारों ने कहा कि लॉकडाउन में दुकानें बंद रहीं तो वो कैसे बिल भरेंगे। दुकान खुलने से कोई आमदनी नहीं हुई है। सभी के मीटर बाहर खंभों पर लगे हुए हैं। रीडिंग जीरो आने के बाद भी भारी भरकम बिल आया हुआ है। बिजली निगम को चाहिए कि 17 मई तक लॉकडाउन के चलते बिजली बिलों को पूरी तरह से माफ करे। अभी लॉकडाउन चल रहा है तो अब के बाद आने वाले बिजली बिलों में रियायत दे।
दुकानदार मदन लोधर ने कहा कि उसकी कपड़े की दुकान लॉकडाउन के चलते बंद थी। लॉकडाउन में दुकान नहीं खुली। मीटर भी बाहर लगे हुए हैं, लेकिन उसको जो बिल मिला है उसमें रीडिंग जीरो है, लेकिन बिल छह हजार का भेज दिया है। दुकान बंद होने से किसी तरह की आमदनी नहीं होने पर कैसे वह बिल भरेगा। दुकानदार सुशील खापड़, नरेश व अनिल ने कहा कि दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश सरकार को चाहिए कि बिजली बिलों पर रियायत दे। लॉकडाउन के चलते दुकानें बंद रही, लेकिन बिजली के बिल अब जो भेजे गए हैं वे भारी भरकम हैं। 17 मई तक के बिजली बिलों को पूरी तरह से माफ करते हुए 17 मई के बाद रीडिंग के हिसाब से रियायत देते हुए बिल भेजे जाएं, ताकि दुकानदारों को कुछ राहत मिले।
रीडिंग आई है तो भरना होगा बिल, एवरेज बेस को करेंगे ठीक
लॉकडाउन के चलते दुकानें बंद थीं। जिन दुकानदारों के बिल एवरेज बेस के जीरो रीडिंग बिल आए हैं उनको ठीक किया जाएगा। जिन दुकानदारों की रीडिंग आई हैं उनको बिल भरने होंगे। नियमानुसार जो भी समाधान होगा वह किया जाएगा।
-भजन सिंह, एसडीओ, बिजली निगम उचाना।