जींद। दिल्ली-बठिंडा रेल मार्ग पर किनाना रेलवे स्टेशन के पास लाइन किनारे भेड़-बकरियों को चरा रहे चरवाहे की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। ट्रेन से कटकर उसकी 12 भेड़-बकरियों की भी जान चली गई। सूचना मिलने पर राजकीय रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा। मृतक की पहचान 23 वर्षीय सूरज के रूप में हुई है।
राजकीय रेलवे पुलिस को मंगलवार दोपहर बाद सूचना मिली कि किनाना रेलवे स्टेशन के पास एक युवक लाइन किनारे भेड़-बकरियों को चरा रहे चरवाहे और उसकी 12 भेड़-बकरियों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास पूछताछ की तो मृतक की शिनाख्त सूरज (23) के रूप में हुई। वह बराड़खेड़ा निवासी वकील की भेड़-बकरियां चराता था। मृतक के माता-पिता गुजर चुके हैं और वह गतौली गांव का भानजा है। फिलहाल वह बराडख़ेड़ा गांव में वकील के पास ही रहता था। परिजनों ने बताया कि सूरज को कम सुनाई देता था। इसके कारण ही उसे ट्रेन की आवाज सुनाई नहीं दी, जिससे वह ट्रेन की चपेट में आ गया।
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चरवाहे के शव को नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक की शिनाख्त हो गई है। -विनोद कुमार, जांच अधिकारी, जीआरपी