जींद। एक महिला ने प्रेम-प्रसंग में अपने देवर के साथ मिलकर पति की करंट लगाकर हत्या करा दी। फिर लोकलाज के चलते खुद भी जहर देकर जान दे दी। यह बात प्रेमी की मां को पता चली तो उसने भी फंदा लगा लिया। पुलिस ने मृत महिला, उसके प्रेमी व एक अन्य के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने आदि की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
लुदाना गांव में 27 मार्च को खेतों में करंट लगने से सुरेंद्र की मौत हो गई थी। उस वक्त मामला सामान्य प्रतीत हुआ तो परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार करा दिया। सुरेंद्र के पिता नफे सिंह को शक हुआ तो उन्होंने सीसीटीवी फुटेज चेक की। इसमें मौत की रात सुरेंद्र और सोनू सीसीटीवी में खेत की तरफ जाते दिखाई दिए, लेकिन अकेले सोनू ही घर की तरफ आता दिखाई दिया।
उन्होंने इस बारे में जब सोनू से पूछा तो उसने कहा-वह सुरेंद्र को वापस घर छोड़ आया है। लेकिन, गांव के किसी भी सीसीटीवी में सुरेंद्र घर आता नहीं दिखाई दिया। इस पर उन्होंने 16 अप्रैल को बेटे की हत्या का शक जताते हुए पुलिस में शिकायत दी। इधर, हत्या की शिकायत की खबर मिलते ही सुरेंद्र की पत्नी पूजा ने देर रात लोकलाज में जहर खाकर जान दे दी थी।
सोनू रिश्ते में था सुरेंद्र का चचेरा भाई
सोनू रिश्ते में सुरेंद्र का चचेरा भाई और पूजा का देवर लगता था। इस पूरे प्रकरण में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान जा चुकी है।
पूजा की खुदकुशी पर दर्ज हुआ है दहेज उत्पीड़न का केस
पूजा ने 16 अप्रैल को जहर खाकर जान दी थी। इस मामले में पिल्लूखेड़ा पुलिस ने जेठ समेत सात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था। गांव मदीना निवासी पूजा के भाई विरेंद्र ने पुलिस को बताया था कि पूजा की 2015 में गांव लुदाना निवासी सुरेंद्र से शादी हुई थी। 26 मार्च की रात सुरेंद्र की करंट से मौत हो गई थी। इसके बाद से ससुरालवाले पूजा को सुरेंद्र की मौत का जिम्मेदार ठहरा कर परेशान कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में ननद बोबली, भतेरी, गुड्डी, राजो, राजेश, जेठानी अर्चना, जेठ विरेंद्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया था।
मंगलवार को प्रेमी की मां ने लगा लिया फंदा
पुलिस इस मामले की कॉल डिटेल के बाद गहनता से जांच कर ही रही थी कि मंगलवार को सोनू की 59 वर्षीय मां सुदेश ने घर में फंदा लगा लिया। सोनू के पिता अजमेर ने पुलिस को बताया कि सुरेंद्र के परिवारवाले उसे और उसके परिवार को सुरेंद्र और उसकी पत्नी पूजा की मौत के लिए जिम्मेदार मान रहे थे। यहां तक कि उन्हें शोकसभा से भी उठा दिया था। इससे सुदेश सदमे में थी। वह काफी डरी हुई थी। सुरेंद्र के घरवाले मुकदमा दर्ज करवाने और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। पुलिस ने इस मामले में विजय मोर, वीरेंद्र, सतीश, पूनम, साहिल, विकास, अर्चना और विरेंद्र को नामजद कर उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपी और पीड़ित एक ही परिवार के सदस्य
लुदाना गांव में एक ही परिवार में तीन मौतें हुई हैं। पीड़ित और आरोपी पक्ष एक ही परिवार के सदस्य हैं। करंट लगने से मरे सुरेंद्र के पिता नफे सिंह और सुरेंद्र की हत्या के आरोपी सोनू के पिता अजमेर चचेरे भाई हैं
सोनू की गिरफ्तारी के बाद ही मामले में कोई खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने मृतका पूजा, सोनू और एक अन्य के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने का मामला दर्ज किया है। वहीं दूसरे आत्महत्या के मामले में 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
दीवान सिंह, प्रभारी, पुलिस थाना पिल्लूखेड़ा।