जींद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेहा नोहरिया की अदालत में जिले के गांव साहनपुर की सरपंच के पति की हत्या के मामले में सात लोगों को दोषी करार देते हुए सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी में अशोक और शौकी, संदीप उर्फ काला, विशाल उर्फ माया, धर्मराज उर्फ धर्मा, राजेश, जगदीप उर्फ दुक्की और प्रसन्न उर्फ लंबू शामिल हैं।
5 जून 2016 को सहारनपुर गांव की सरपंच मंजू देवी के पति नरेंद्र उर्फ वीरेंद्र की हत्या कर दी गई थी।
मृतक के भाई राजकरण ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि जब वह अपने भाई नरेंद्र उर्फ वीरेंद्र व एक अन्य रिश्तेदार के साथ सफीदों से गांव आ रहा था तो रास्ते में दो गाड़ियों में सवार लोगों ने अपनी गाड़ी को तेज रफ्तार से चला कर अपनी गाड़ी को आगे निकाल दिया और उसके बाद गोली मारकर नरेंद्र उर्फ वीरेंद्र की हत्या कर दी।
इस मामले में कुल 22 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था जिसमें से चार लोग अदालत ने भगोड़े घोषित किए गए थे। जिन लोगों को भगोड़ा घोषित किया गया था उन में खजान, अनिल, प्रवीण और प्रदीप शामिल हैं।
फिलहाल अदालत 17 लोगों के खिलाफ सुनवाई कर रही थी जिनमें से अदालत ने सात लोगों को दोषी करार देते हुए उन्हें सजा सुनाई है। बाकी 10 लोगों को अदालत ने गवाहों और सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।