जींद। असमर्थ महिला कल्याण न्यास के संस्थापक पं. रामनिवास अहिरका ने वीरवार को नरवाना रोड स्थित समिति कार्यालय में गायत्री यज्ञ किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा ही सच्ची तीर्थयात्रा है। उन्होंने पौराणिक उदाहरण देते हुए बताया कि भगवान राम ने वनवास के दौरान पिता की मृत्यु का समाचार मिलते ही मंदाकिनी नदी में स्नान कर कंद-मूल का पिंडदान किया। वहीं श्रवण कुमार ने अपने अंधे माता-पिता को कंधे पर बिठाकर तीर्थयात्रा कराई। उन्होंने खेद प्रकट किया कि आज के आधुनिक युग में कई लोग अपने बीमार और वृद्ध माता-पिता को बोझ समझने लगे हैं जिसके कारण उन्हें धर्मस्थलों पर भटकना पड़ता है। संवाद