कोरोना संकट से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई योजना बनाई है। अब पूरे जिले में विभिन्न अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए 400 बेड की व्यवस्था कर दी गई है। सबसे ज्यादा गंभीर मरीजों को नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में रखा जाएगा। यहां पर पहले से आठ वेंटिलेटर हैं। जबकि अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर रखे 15 वेंटिलेटरों भी वापस मंगवाया जाएगा।
अस्पताल के पुराने भवन में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति करने के लिए काम चल रहा है। दो-तीन दिन में यहां पर सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीन की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन हर प्रकार के संकट से निपटने के लिए तैयार है।
हिसार के कमिश्नर चंद्रशेखर ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बैठक ली। इस दौरान अधिकारियों ने कोरोना से निपटने के लिए की गई तैयारियां बताईं। बैठक में बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए नए इंतजाम करने पर जोर दिया गया। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कहा गया कि नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में 100 बेड, गंगापुत्रा आयुर्वेद अस्पताल में 100 बेड, नागरिक अस्पताल नरवाना में 50 बेड, नागरिक अस्पताल उचाना में 50 बेड, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलेवा में 50 बेड तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना में भी 50 कोविड बेड की व्यवस्था की गई है। फिलहाल नागरिक अस्पताल में आठ वेंटिलेटर प्रयोग किए जा रहे हैं। नरवाना, उचाना, जुलाना, सफीदों में 15 वेंटिलेटर हैं, जिनका कोई प्रयोग नहीं हो रहा है। इन सभी को नागरिक अस्पताल जींद के पुराने भवन में लाकर प्रयोग किया जाएगा। जो गंभीर मरीज होंगे, उनको नागरिक अस्पताल जींद में रखा जाएगा और जिनको वेंटिलेटर की जरूरत होगी, उनको दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। जिस भी मरीज की हालत ज्यादा गंभीर होगी उसे नागरिक अस्पताल जींद में शिफ्ट किया जाएगा। चिकित्सकों की एक टीम 24 घंटे नागरिक अस्पताल में रहेगी तथा दो-दो चिकित्सकों की अन्य चार टीमें अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर काम करेंगी। इसके अलावा कोरोना वैक्सीन लगाने पर अधिक बल दिया जाएगा। अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी।
हर आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से संवेदनशील है। अब गंभीर मरीजों को नागरिक अस्पताल में रखा जाएगा। इसके अलावा नरवाना, उचाना, अलेवा, जुलाना तथा गंगापुत्रा अस्पताल में भी मरीजों को रखा जाएगा। यहां पर ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध करवाए जाएंगे। वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने पर मरीज को नागरिक अस्पताल जींद में शिफ्ट किया जाएगा।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।