संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। आज देश में लगभग एक लाख कार्यकर्ताओं के माध्यम से हिंदू संस्कृति, धर्म को बचाने का कार्य हो रहा है। हमें स्वभाषा, स्वदेशी, स्वधर्म की रक्षा का ध्यान रखना है। ये बातें विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर ने विश्व हिंदू परिषद के साप्ताहिक प्रांतीय शौर्य प्रशिक्षण दुर्गावाहिनी के समापन पर कहीं।
उन्होंने कहा कि हम अपनी धर्म संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य कैसे करें। हमारा काम कोई और नहीं कर सकता, यह सिर्फ हमको ही करना पड़ेगा। आज संपूर्ण देश में लगभग एक लाख कार्यकर्ताओं के माध्यम से हिंदू संस्कृति, धर्म को बचाने का कार्य हो रहा है। स्वभाषा, स्वदेशी, स्वधर्म की रक्षा का हमें ध्यान रखना है। हम अपनी मातृभाषा जानते हैं लेकिन अंग्रेजी बोली जाती है। जो विकसित देश है वहां भी अंग्रेजी नहीं बोली जाती है। उन्होंने माता जीजाबाई को याद करते हुए कहा कि आज उनकी पुण्य तिथि है, 17 जून 1674 को उन्होंने अपने प्राण त्यागे थे। इसलिए शिवाजी कहा करते थे, मैं सिर्फ मां के कारण ही मैं अपने राज्य की सेवा भरपूर कर रहा हूं। उन्होंने बताया कि देश पर तीन प्रकार के आक्रमण हुए। पहले मुगलों व इस्लाम का आक्रमण हुआ और फिर जो अंग्रेजों ने किया, वह हमारी शिक्षा, आर्थिक जगत, संस्कृति पर हमला था। इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि राजन चिल्लाना मुख्यातिथि रहे। समाजसेवी डॉ. कामिनी आशरी भी मौजूद रहीं।