जींद। जिले के 27 स्कूलों का चयन स्वच्छता अवॉर्ड देने के लिए हुआ है। अब इन स्कूलों को स्वच्छता के अनुसार स्टार दिए जाएंगे। इन स्टार के अधार पर ही इन स्कूलों को अवार्ड मिलेेंगे। स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत स्कूलों को स्वच्छता अवॉर्ड देने के लिए डीपीसी (जिला प्रमोशनल कमेटी) कार्यालय द्वारा सूची तैयार कर ली गई है।
सरकारी तथा निजी स्कूलों में स्वच्छता पर ध्यान दिए जाने को लेकर स्कूलों में स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना शुरू की हुई है। योजना के तहत जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में सर्वे भी करवाया जा चुका है। सर्वे कार्य में यह निरीक्षण किया गया है कि स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले स्कूलों ने पोर्टल पर जो जानकारी मुहैया कराई है, वह सही है या नहीं। इसके अब स्कूलों को अंकों के आधार पर स्टार दिए गए हैं। किसी स्कूल का स्कोर मापदंडों में 90 से 100 प्रतिशत के बीच में है, तो उसे पांच स्टार दिए गए हैं। इसी प्रकार 75 से 89 प्रतिशत स्कोर पर दो स्टार, 51 से 74 प्रतिशत पर तीन स्टार, 35 से 50 प्रतिशत पर दो स्टार और 35 प्रतिशत से नीचे एक स्टार दिया गया है। स्टार रेटिंग के अनुसार स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार दिया जाएगा। स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए छह कैटेगरी में कुल 110 अंक निर्धारित किए हुए हैं।
इस तरह से कैटेगरी वाइज दिए गए अंक
चयनित स्कूलों को अंक कैटेगरी में विद्यालय को पेयजल के 22, शौचालय के 27, हाथ धोने के साबुन के साथ 14, संचालन एवं रखरखाव के लिए 21, व्यवहार परिवर्तन और क्षमता के 11 और कोविड-19 बचाव के उपायों के लिए 15 अंक दिए गए हैं। सर्वे टीम द्वारा स्कूलों का निरीक्षण किए जाने के बाद ही यह अंक दिए गए हैं। इन्हीं अंकों के आधार पर स्टार रेटिंग निर्धारित की गई है।
स्वच्छता अवार्ड के लिए जिलेभर के सरकारी और निजी स्कूलों की सूची तैयार कर ली गई है। इनमें जिले के 27 स्कूल शामिल हैं। निदेशालय से तिथि आने के बाद जल्द ही चयनित स्कूलों को स्वच्छता अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह केंद्र सरकार की योजना है। इसी के तहत स्कूलों का चयन किया गया है।
--सुभाष वर्मा, जिला अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान जींद।