क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण सचिव द्वारा नगूरां के सरस्वती पब्लिक स्कूल की तीन बसों को जब्त कर लिया गया है। हालांकि परिवहन विभाग का कहना है कि बसों में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण कार्रवाई की गई है।
वहीं क्षेत्र के स्कूल संचालकों का कहना है कि उनकी बस पीएम नरेंद्र मोदी की सोनीपत रैली में नहीं गई, जिस कारण यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल बसों को जब्त करने के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है।
स्कूल संचालकों ने क्षेत्र के एक वरिष्ठ भाजपा नेता पर यह कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है। स्कूल प्रबंधक कमेटी के सदस्य रामपाल सैनी, विकास दलाल, बिजेंद्र खटकड़, सूबे सिंह, पवन शर्मा, कुलदीप दलाल ने बताया कि शुक्रवार को नगूरां के सरस्वती पब्लिक स्कूल की तीन बसों को जिला प्रशासन के जान बूझकर बसों को जब्त किया है।
बसों में नहीं डला तेल
वहीं स्कूल संचालकों का कहना है कि बसों को रैली के लिए भेजा गया था, लेकिन किसी ने तेल नहीं डलवाया। इसके चलते बसें वापस आ गई।
पैदल घर पहुंचे बच्चे
स्कूल प्रशासन के अनुसार बदले की भावना के चलते उनकी बसों को जब्त किया गया है। इससे दूर-दराज से आए बच्चों को पैदल ही घर जाने पर मजबूर होना पड़ा।
कोई बदला नहीं, सामान्य कार्रवाई
इस मामले को लेकर सहायक आरटीए राजकुमार राणा से बात की गई तो उन्हें कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार उनके द्वारा रूटीन की चेकिंग की है। इस दौरान नगूरां गांव में सरस्वती स्कूल की बसों को रुकवाया। इस दौरान बस अपनी नियमों पर खरी नहीं उतर रही थी। जिसके कारण स्कूल की तीन बसों को इंपाउड कर दिया है।
डीसी से मिले निजी स्कूल संचालक
मामले को लेकर जिला प्रधान नरेश बराड़ के नेतृत्व में निजी स्कूल संचालक शुक्रवार शाम डीसी विनय कुमार से मिले। नरेश बराड़ के अनुसार डीसी ने उन्हें बसों को छोड़ने के आश्वासन दिया है। नरेश बराड़ के अनुसार उन्हें नहीं लगता कि यह बदले की कार्रवाई है।