जींद। किलोमीटर स्कीम वाली सभी बस अब महीने में केवल नौ हजार किलोमीटर ही दौड़ेंगी। डिपो में किलोमीटर स्कीम के तहत शामिल 15 बस पूर्व में हर महीने 12 हजार किलोमीटर व पांच बस महीने में नौ हजार किलोमीटर दौड़ती थी। अब किलोमीटर स्कीम वाली सभी बसों के महीने में नौ हजार किलोमीटर तय किए गए हैं। यह फैसला पिछले महीने वाणिज्यिक अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में लिया गया था। ऐसे में प्राइवेट बस ऑपरेटरों में भारी रोष है। वहीं, वाणिज्यिक अधिकारियों के फैसले से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि किलोमीटर कम करने से बसों के फेरे कम होंगे। ऐसे में यात्रियों को अब कम बस मिलेंगी।
गौरतलब है कि किलोमीटर स्कीम वाली बसों पर चालक प्राइवेज और परिचालक रोडवेज कर्मचारी होता है। रोडवेज द्वारा 26.92 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से बस ऑपरेटरों को भुगतान किया जाता है। बसों की मरम्मत ऑपरेटरों को खुद ही करवानी होती है। वहीं पहले महीने में 12 हजार किलोमीटर चलने वाली 15 बसों को मरम्मत का समय नहीं मिल पाता था। यह बस ज्यादातर लंबे रूटों पर ही चलती हैं। लंबे रूट से वापस आते समय देर हो जाती थी। अगर दिन में बसों की मरम्मत के लिए डिपो अधिकारी किलोमीटर स्कीम वाली बसों को समय देते तो रूट प्रभावित होते और यात्रियों को परेशानी होती। ऐसे में वाणिज्यिक अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में फैसला लिया गया कि किलोमीटर स्कीम वाली सभी बस महीने में केवल नौ हजार किलोमीटर ही चलेंगी। इससे किलोमीटर स्कीम वाली बसों को मरम्मत का समय मिल सके और रूट भी प्रभावित न हो।
प्राइवेट बस ऑपरेटरों के साथ हो रहा भेदभाव
प्राइवेट बस ऑपरेटरों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। वाणिज्यिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में किलोमीटर स्कीम वाली बसों का कोई भी कॉन्ट्रैक्टर शामिल नहीं था। पहले प्राइवेट बस ऑपरेटरों को यह आश्वासन दिया गया था कि किलोमीटर स्कीम वाली बसों को लंबे रूट पर व दिन में 400 किलोमीटर चलाया जाएगा। बाद में सरकार ने किलोमीटर स्कीम वाली बसों के किलोमीटर कम कर दिए।
- अजय, जिला प्रधान, प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन
एग्रीमेंट अनुसार कर रहे कार्य
प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने डिपो अधिकारियों को एग्रीमेंट दिया हुआ है, जिसमेें किलोमीटर स्कीम वाली बस महीने में नौ हजार किलोमीटर चलने की बात है। एग्रीमेंट अनुसार किलोमीटर स्कीम वाली बसों को महीने में नौ हजार किलोमीटर चलाया जा रहा है। एग्रीमेंट अनुसार कार्य हो रहा है। - बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद डिपो।