जींद। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से पेयजल आपूर्ति, रखरखाव और प्रबंधन के लिए बनाई गई नई नीति को लेकर डीआरडीए हॉल में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हुआ। जिला सलाहकार रणधीर मताना ने कहा कि सभी पंचायतें नई नीति को ग्राम सभा में पास करवाकर ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करें।
नई नीति के तहत गांवों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। ग्राम पंचायत, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति और विभाग के बीच एक साझा घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर होंगे। पॉलिसी की खास बात यह है कि गांव के लिए तैयार किए गए एस्टीमेट का चौथा हिस्सा ग्राम पंचायत को एडवांस में ही मिल जाएगा।
इस राशि से पंचायत पाइप लाइन लीकेज, अस्वच्छ कनेक्शन, मोटर मरम्मत और बिजली संबंधी कार्य स्वयं करवा सकेगी। योजना के सफल संचालन के लिए ग्राम पंचायत की ओर से इंडियन बैंक में एक विशेष खाता खुलवाया जाएगा।
गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा एकत्रित की गई पेयजल बिल की राशि इसी खाते में जमा होगी। विभाग की ओर से भी गांव द्वारा एकत्रित की गई राशि के बराबर का योगदान ग्राम पंचायत को दिया जाएगा।
उपमंडल अभियंता रणवीर सिंह ने कहा कि विभाग हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए तैयार है। जरूरत के अनुसार गांवों के एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजे जा चुके हैं। इस दौरान खंड समन्वयक दिनेश मलिक और ईश्वर सिंह ने जल जीवन मिशन और जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
जल संरक्षण अभियान के तहत खंड समन्वयक सुरेंद्र दुग्गल ने गांव गांगोली, बलवान सिंह ने सफीदों और सुरेंद्र कुमार ने नरवाना के आंगनबाड़ी व स्कूलों में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस अवसर पर कनिष्ठ अभियंता संजीत कुमार, हितेश्वर, कुशल शर्मा और सोमलता मौजूद रहे।