डीसी डॉ. आदित्य दाहिया ने झील गांव के सरपंच प्रदीप को निलंबित कर दिया है। डीसी ने सरपंच को भविष्य में पंचायत की किसी भी कार्रवाई में भाग नहीं लेने, ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड, धन राशि, चल-अंचल संपत्ति तुरंत बहुमत रखने वाले पंच को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त ने खंड एवं विकास पंचायत अधिकारी उचाना को निर्देश दिए कि वे तुरंत प्रभाव से नियमानुसार बहुमत रखने वाले पंच को कार्यवाहक सरपंच का चार्ज दिलाएं ताकि गांव के कार्य प्रभावित न हों। डीसी ने कहा कि सरपंच के खिलाफ विकास कार्यों में गोलमाल करने की शिकायत की जांच चल रही है। जांच अधिकारी द्वारा रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए लिखे जाने के बाद भी सरपंच द्वारा रिकॉर्ड नहीं दिया। इससे प्रतीत होता है कि वे जानबूझ कर रिकॉर्ड देने में आनाकानी कर रहे हैं। इससे शिकायतों के निपटान में देरी हो रही है। इसको लेकर सरपंच को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। इस नोटिस का जवाब भी कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है। 20 दिसंबर को सरपंच को निजी सुनवाई के लिए भी बुलाया गया था। इसमें सरपंच द्वारा अपने पक्ष में कोई सबूत प्रस्तुत नहीं किया। विभाग द्वारा की जा रही जांच में सहयोग नहीं करने व रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं करने पर सरपंच को निलंबित किया गया है।