जुलाना। बुढ़ा खेड़ा लाठर गांव की महिला सरपंच अनिता चौहान ने अपने घर की खाली पड़ी जगह में 60 से अधिक प्रकार के औषधीय और फूलदार पौधे लगाकर सुंदर बगिया तैयार की है। उनकी इस पहल से गांव में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और लोग भी पौधरोपण के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
सरपंच अनिता चौहान ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण, गर्मी और बदलते मौसम को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण आज सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपने घर में तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, अश्वगंधा, नीम, पुदीना, लेमनग्रास सहित कई प्रकार के औषधीय पौधे लगाए हैं। इसके साथ ही विभिन्न रंगों के फूलदार पौधों ने पूरे परिसर को हराभरा और सुगंधित बना दिया है।
सरपंच अनिता चौहान ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम के कारण पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने घर में तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, अश्वगंधा, नीम, पुदीना, लेमनग्रास सहित विभिन्न प्रजाती के औषधीय पौधे लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि औषधीय पौधे न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी होते हैं। कई पौधों का उपयोग घरेलू उपचार में किया जाता है जिससे छोटी-मोटी बीमारियों में राहत मिलती है। पौधों की देखभाल वह स्वयं करती हैं और परिवार के सदस्य भी उनका सहयोग करते हैं।
हरियाली बढ़ने से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा
अनिता चौहान का कहना है कि यदि हर व्यक्ति अपने घर में कुछ पौधे लगाए तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। इससे हरियाली बढ़ेगी और लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। सरपंच की प्रेरणा से अब गांव के कई परिवार अपने घरों और खेतों में पौधे लगाने लगे हैं। गांव में बढ़ती हरियाली के साथ लोगों में प्रकृति और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी लगातार बढ़ रही है।