छह साल से कर रही थी नौकरी
उचाना थाना के अंतर्गत आने वाले एक गांव की रहने वाली महिला करीब छह साल से जिला प्रशासन में अस्थायी नौकरी करती थी। पिछले दो साल से डीआईओ के माध्यम से उसकी ड्यूटी उचाना में थी। परिजनों के अनुसार पिछले लंबे समय से महिला अपने सहकर्मियों के व्यवहार से परेशान थी, शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जा रहा है कि महिला का पति भी करीब पांच महीने पहले इस मामले की जांच के लिए एसडीएम डॉ. राजेश से मिला था, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया।
मेरे दफ्तर के लोगों ने किया जुल्म
महिला ने अपने 51 सेकेंड के ऑडियो में कहा कि उसके दफ्तर के लोगों ने ही उसके साथ जुल्म किया है। उसके यूजर-पासवर्ड से नकदी की रसीद काटी गई। जब इसके बारे में कार्यालय के लोगों से पूछा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। महिला ने कहा कि एसपी साहब से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि सुखदेव, भारतभूषण, संदीप क्लर्क व एसडीएम साहब भी इनके साथ शामिल हैं। इन्हें छोड़ना मत।
मैं अपने जिगर के टुकड़ों को छोड़ कर जा रही हूं
महिला कर्मी की 15 साल की बेटी और 11 साल का बेटा है। खुदकुशी से पहले उसने पुलिस से गुहार लगाई कि वह आज अपने जिगर के टुकड़ों को छोड़ कर जा रही है। महिला ने कहा कि दफ्तर में दुष्ट लोग थे। उनकी प्रताड़ना से तंग आकर मुझे अपने बच्चों को छोड़कर जाना पड़ रहा है। मेरे घर की कोई लड़ाई नहीं थी। मुझे दुखी करने वाले संदीप क्लर्क, इनकी पोस्टिंग अब नरवाना हो गई है। मन्नू एमटीएस, सुखदेव, अर्जुन, अतुल मेरे साथ बहुत अश्लील हरकत करते थे। सभी हरकतों के लिए एसडीएम साहब जिम्मेदार हैं। एसडीएम ने बुलाकर मुझसे एक बार भी नहीं पूछा। आज मेरे बच्चे बिना मां के हो गए। मैं पुलिस प्रशासन से न्याय मांगती हूं।
एसडीएम बोले : महिला को जानते तक नहीं
एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने इस संबंध में कहा कि सरल केंद्र पर डीआईसी के तहत कार्यरत महिला मानसिक रूप से परेशान बताई जा रही थी। वह उसे जानते तक नहीं। न ही ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में आया। कोई मामला आता तो जरूर जांच होती।
महिला एसडीएम कार्यालय में बतौर मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) काम करती थी। पुलिस को सुसाइड नोट व ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है। इनके आधार पर एसडीएम समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। - जितेंद्र खटकड़, डीएसपी उचाना।