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चार पेज का सुसाइड नोट लिख सरल केंद्र की महिला कर्मी ने दी जान, एसडीएम समेत 12 पर केस

Fri, 01 Jan 2021 11:14 PM IST
रोहतक ब्यूरो धर्मवीर निडाना, जींद
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हरियाणा के उचाना में महिला के परिजनों से जानकारी लेते डीएसपी। - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के उचाना में सरल केंद्र में कार्यरत महिला कर्मचारी ने गुरुवार रात घर पर ही जहरीला पदार्थ निगल कर खुदकुशी कर ली। महिला कर्मी ने चार पेज का सुसाइड नोट और तीन मिनट 57 सेकेंड के चार ऑडियो मैसेज में खुद पर हुई प्रताड़ना का जिक्र किया है। ऑडियो में महिला ने सबसे पहले पुलिस प्रशासन को नए साल की शुभकामनाएं दी और कहा कि कार्यालय के लोगों ने बहुत दुखी किया है, पुलिस से नम्र प्रार्थना है कि मुझे न्याय दिलाएं, न्याय दिलाएं, न्याय दिलाएं। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर एसडीएम समेत 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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डीएसपी उचाना जितेंद्र खड़कड़ के अनुसार, क्षेत्र के एक गांव की 34 साल की महिला एसडीएम उचाना के सरल केंद्र में कार्यरत थी। महिला ने गुरुवार रात 11 बजे घर में जहर निगलकर आत्महत्या कर ली। ऑडियो मैसेज में महिलाकर्मी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने 4 पेज के सुसाइड नोट में एसडीएम डॉ. राजेश खोथ, एमटीएस सुखदेव, अतुल, भारत भूषण, मन्नू, अर्जुन, बलकार घसो, प्रवीण क्लर्क, दीपा टाइपिस्ट, दलबीर गिल उर्फ पप्पू, संदीप क्लर्क, तरसेम टाइपिस्ट पर प्रताड़ित और अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर एसडीएम समेत 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है।




परिजनों के अनुसार यह ऑडियो महिला ने जहर निगलने के बाद रिकॉर्ड किए हैं। महिला कर्मी का एक ऑडियो 37 सेकेंड, दूसरा 51 सेकेंड, तीसरा 45 सेकेंड और चौथा एक मिनट 35 सेकेंड का है। एसपी के नाम रिकॉर्ड किए संदेश में कहा है कि उसे व उसके बच्चों को न्याय मिलना चाहिए। महिला ने उचाना के एसडीएम डॉ. राजेश कौथ पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने प्रताड़ित करने वालों का साथ दिया है।

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छह साल से कर रही थी नौकरी

उचाना थाना के अंतर्गत आने वाले एक गांव की रहने वाली महिला करीब छह साल से जिला प्रशासन में अस्थायी नौकरी करती थी। पिछले दो साल से डीआईओ के माध्यम से उसकी ड्यूटी उचाना में थी। परिजनों के अनुसार पिछले लंबे समय से महिला अपने सहकर्मियों के व्यवहार से परेशान थी, शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जा रहा है कि महिला का पति भी करीब पांच महीने पहले इस मामले की जांच के लिए एसडीएम डॉ. राजेश से मिला था, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया।

मेरे दफ्तर के लोगों ने किया जुल्म
महिला ने अपने 51 सेकेंड के ऑडियो में कहा कि उसके दफ्तर के लोगों ने ही उसके साथ जुल्म किया है। उसके यूजर-पासवर्ड से नकदी की रसीद काटी गई। जब इसके बारे में कार्यालय के लोगों से पूछा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। महिला ने कहा कि एसपी साहब से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि सुखदेव, भारतभूषण, संदीप क्लर्क व एसडीएम साहब भी इनके साथ शामिल हैं। इन्हें छोड़ना मत।
 
मैं अपने जिगर के टुकड़ों को छोड़ कर जा रही हूं
महिला कर्मी की 15 साल की बेटी और 11 साल का बेटा है। खुदकुशी से पहले उसने पुलिस से गुहार लगाई कि वह आज अपने जिगर के टुकड़ों को छोड़ कर जा रही है। महिला ने कहा कि दफ्तर में दुष्ट लोग थे। उनकी प्रताड़ना से तंग आकर मुझे अपने बच्चों को छोड़कर जाना पड़ रहा है। मेरे घर की कोई लड़ाई नहीं थी। मुझे दुखी करने वाले संदीप क्लर्क, इनकी पोस्टिंग अब नरवाना हो गई है। मन्नू एमटीएस, सुखदेव, अर्जुन, अतुल मेरे साथ बहुत अश्लील हरकत करते थे। सभी हरकतों के लिए एसडीएम साहब जिम्मेदार हैं। एसडीएम ने बुलाकर मुझसे एक बार भी नहीं पूछा। आज मेरे बच्चे बिना मां के हो गए। मैं पुलिस प्रशासन से न्याय मांगती हूं।

एसडीएम बोले : महिला को जानते तक नहीं 
एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने इस संबंध में कहा कि सरल केंद्र पर डीआईसी के तहत कार्यरत महिला मानसिक रूप से परेशान बताई जा रही थी। वह उसे जानते तक नहीं। न ही ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में आया। कोई मामला आता तो जरूर जांच होती। 
 
महिला एसडीएम कार्यालय में बतौर मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) काम करती थी। पुलिस को सुसाइड नोट व ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है। इनके आधार पर एसडीएम समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। - जितेंद्र खटकड़, डीएसपी उचाना।
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