21जेएनडी13: नगर परिषद कार्यालय में धरने पर बैठे सफाई कर्मी नारेबाजी करते हुए। संवाद
जींद। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है। कर्मचारियों ने अब इस हड़ताल को 24 अगस्त तक बढ़ा दिया है। 180 सफाई कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से शहर की सूरत बिगड़ती जा रही है। अनुमान है कि अब तक 100 से ज्यादा डंपिंग स्टेशनों पर 300 टन से अधिक कूड़ा जमा हो चुका है। मुख्य बाजारों से लेकर कॉलोनियों और प्रमुख सड़कों तक गंदगी फैली हुई है। गोहाना रोड, सफीदों रोड और रोहतक रोड समेत सभी प्रमुख मार्गों पर कूड़े के ढेर दिख रहे हैं। बाजारों में दुकानों के आसपास भी कूड़ा जमा है। इससे दुकानदारों और राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर कूड़ा सड़क तक फैल गया है। इससे आवागमन के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों को बदबू का सामना करना पड़ रहा है।
सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल को 24 अगस्त तक बढ़ाने के साथ ही आंदोलन को और प्रभावी बनाने की तैयारी की है। कर्मचारी शनिवार से शहर की कॉलोनियों में जाएंगे। वे लोगों से अपने आंदोलन के समर्थन में सहयोग मांगेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
शहर में सफाई व्यवस्था की बदहाली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्वच्छता संदेश वाली दीवारों के नीचे भी कूड़े के ढेर लगे हैं। कई जगह कूड़ा हवा के साथ सड़कों पर फैल रहा है। बरसात के कारण गीले कूड़े से दुर्गंध और बढ़ गई है। लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक कूड़ा जमा रहने से मच्छर पनपने के साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। शहरवासियों ने प्रशासन से सफाई व्यवस्था बहाल करने और कूड़े का तत्काल उठान करवाने की मांग की है।