08जेएनडी10: शहर में कूड़े का उठान करते हुए नगर परिषद की टीम। संवाद
जींद। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मंगलवार को भी कर्मचारी धरने पर डटे रहे। शहर में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर परिषद ने सुबह से ही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सफाई अभियान चलाया।
नगर परिषद की टीमों ने शहर के 15 डंपिंग पॉइंट से 200 टन से अधिक कूड़े का उठान करवाया। हड़ताल के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में कूड़ा जमा होने की स्थिति बनी हुई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुबह ही सफाई अभियान शुरू कर दिया।
बुलडोजर और अन्य संसाधनों की मदद से डंपिंग पॉइंटों पर जमा कूड़ा उठवाकर शहर से बाहर भेजने की व्यवस्था की गई। प्रशासन का प्रयास रहा कि मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कूड़े को जल्द-से-जल्द हटाया जा सके।
एक दिन पहले प्रशासन की ओर से सफाई कर्मचारियों को निलंबित करने की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई। सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सोहनलाल ने कहा कि निलंबन की कागजी कार्रवाई से कर्मचारी डरने वाले नहीं हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन कर्मचारियों पर कार्रवाई करना चाहता है तो पहले उनकी प्रमुख मांग सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की पूरी करे।
10 सितंबर को नेहरू पार्क में होगी जन पंचायत
प्रधान सोहनलाल ने बताया कि हड़ताल के अगले चरण में 10 सितंबर को शहर के नेहरू पार्क में जन पंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि जन पंचायत में सरकार के खिलाफ कड़े निर्णय लिए जाएंगे और मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।