रामराये गांव से जाजवान गांव तक बिछाई पाइप लाइन की गुणवत्ता में हेराफेरी की गई थी। इस बात की पुष्टि दिल्ली के श्री राम लैब की रिपोर्ट कर रही है।
लैब की रिपोर्ट में पाइप की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी।
इस मामले की जांच नौ विधायकों की पब्लिक अकाउंट कमेटी (पीएसी) ने की थी। पाइप लाइन बिछाने में करीब एक करोड़ 34 लाख रुपये खर्च हुआ था। अब जन स्वास्थ्य विभाग ने ठेकेदार को दोबारा उसी खर्च में पाइप लाइन दबाने के लिए पत्र लिखा है।
बतादें कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय जाजवान गांव को पेयजल मुहैया कराने के लिए सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने घोषणा की थी। इसके लिए तैयार प्रस्ताव के तहत ठेकेदार को काम भी दे दिया गया, लेकिन यह लाइन चल नहीं पाई। नई सरकार बनने के बाद जब इस लाइन में पानी छोड़ा गया तो पाइप लीक हो गए।
जन स्वास्थ्य विभाग की तमाम इंजीनियरिंग फेल हो गए और तमाम प्रयासों के बाद जन स्वास्थ्य विभाग लाइन को नहीं चला पाया। इस पर नई सरकार ने मामले की जांच पंचकुला से विधायक ज्ञानचंद गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीएसी को सौंप दी। जांच के बाद ही पाइप की गुणवत्ता की जांच कराई गई है।
इस योजना के लिए कुल एक करोड़ 34 लाख रुपये का बजट तैयार किया गया। इसमें से 21 लाख रुपये पेयजल के लिए किए गए बोर पर खर्च हुए और शेष राशि पाइप लाइन पर खर्च हुई है।
एक महीना पहले हुई जांच
मामले की जांच कर रही नौ विधायकों वाली पीएसी 12 दिसंबर को जांच के लिए पहुंची थी। हालांकि कमेटी में शामिल विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय चौटाला, कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी सहित चार विधायक नहीं आए थे। पांच विधायकों की टीम ने गांव पहुंचकर मामले की जांच की थी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार की गई है।
अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज
दरअसल इस पूरे मामले में वे अधिकारी भी शक के दायरे में आ रहे हैं, जिनकी देख रेख में यह काम हुआ है। अब इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है। हालांकि इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
हां सैंपल फेल हैं
हां रामराये से जाजवान गांव के लिए दबाई गई पेयजल पाइप लाइन में प्रयोग हुए पाइप के सैंपल लैब रिपोर्ट में फेल आए हैं। अब दोबारा जांच के लिए नमूने मुंबई की लैब में भेजे जा रहे हैं।
यह गड़बड़ी ठेकेदार द्वारा की गई है, ऐसे में ठेकेदार को उसी बजट में दोबारा पाइप लाइन डालने के लिए पत्र लिखा गया है। ठेकेदार को सात दिन का समय दिया गया है। यदि ठेकेदार इस काम को नहीं करता तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बीपी शर्मा, एक्सईएन जन स्वास्थ्य विभाग (अतिरिक्त प्रभार)
दो फरवरी को होगी मीटिंग
मामले की जांच हो चुकी है, इसमें पाइप के सैंपल फेल आए हैं। इस पर मामले से संबंधित अधिकारी दो फरवरी को पीएसी के समक्ष पेश होंगे। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञानचंद गुप्ता, पीएसी अध्यक्ष और पंचकुला से विधायक।