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चार दिन बाद महंत शब्दाई नाथ को दी गई समाधि

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महंत शब्दाईनाथ को भू-समाधि देने की तैयारी करते लोग। संवाद। - फोटो : Jind
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अलेवा। थुआ तपा के लोगों की मौजूदगी में मंगलवार को ग्रामीणों एवं साधु संतों ने वैदिक प्रक्रिया से ब्रह्मलीन महंत शब्दाई नाथ को गांव पेगां के कालापीर डेेरे में भू समाधि दी। इस दौरान मुख्य रूप से ब्रह्मलीन महंत के बेटे एवं संडील डेरे के महंत नंदाई नाथ, महंत के गुरुभाई बधाई नाथ व दादाश्री गुरु शिवसुंदर नाथ, डेरा नगूरां से पीपल नाथ, कोथ कलां डेरे से सुंदराई नाथ व लकड़ाई नाथ, रोहेड़ा डेरे से सुखबीर नाथ, पाई से रसमलाई पुरी, लोन से सक्तारी नाथ, शेरखां खेड़ी से सोनू नाथ व पलभूपुरी नागा बाबा, सुरगाई नाथ, रविनाथ बालू, गोरखपुरी किठाना से जगन्नाथ मनोहरपुर तथा जगदीश नाथ खानपुर भी मौजूद रहे।
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बताते चलें कि शुक्रवार रात को पेगां के आसन वाले कालापीर डेरे के महंत शब्दाई नाथ ने कीटनाशक दवा का सेवन करके आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। इसमें कोथ कलां डेरे के महंत शुक्राई नाथ, मिर्चपुर पुलिस चौकी प्रभारी दयाकिशन, हवलदार अशोक कुमार व हरिद्वार स्थित एक डेरे के महंत चेताई नाथ पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने अपने संडील डेरे में रह रहे बेटे एवं महंत नंदाई नाथ की जान को भी खतरा बताया था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों ने महंत के शव को जींद-चंडीगढ़ मार्ग पर रख धरना दिया था। सोमवार को थुआ तपा के लोग भी यहां पहुंच गए थे। इसके बाद एसडीएम उचाना राजेश कोथ, एएसपी कुलदीप सिंह, डीएसपी जितेंद्र कुमार ने थुआ तपा की गठित कमेटी को एसआईटी के गठन की जानकारी दी। इसके अलावा महंत नंदाई नाथ को सुरक्षा देने व आरोपियों की पांच दिन के अंदर गिरफ्तारी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीण महंत शब्दाई नाथ को भू-समाधि देने के लिए माने। उधर, एसआईटी इंचार्ज डीएसपी जितेंद्र कुमार ने कहा कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। समाधि के दौरान नायब तहसीलदार जसविंद्र सिंह, थाना प्रभारी बीरबल सिंह एवं सोमदत शर्मा, बिंद्र, सुल्तान, बलवान फौजी, सुरेंद्र व सुभाष भी मौजूद रहे।
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अब तक पांच महंतों को दी जा चुकी है भू-समाधि
बाबा कालापीर आसन डेरा पेगां में अब तक पांच महंतों को भू-समाधि दी जा चुकी है। 1920 में महंत गिरजाई नाथ, 1937 में महंत परसाई नाथ, 1994 में मुनंदराई नाथ, 2012 में महंत बुढ़ा बाबा नाथ व 21 दिसंबर 2021 को शब्दाई नाथ को यहां भू-समाधि दी गई।
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