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रूस में मृत एमबीबीएस छात्रा का शव पहुंचा जींद

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सफीदों में शव पहुंचने पर मौजूद ग्रामीण। - फोटो : bureau
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 एमबीबीएस कर रही गांव बहादुरगढ़ की युवती मुकेश सांगवान की रूस में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रूस से आठ दिन के बाद छात्रा का शव शनिवार को उसके गांव बहादुरगढ़ पहुंचा, लेकिन उसके परिवार के लोगों को मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया। इसके लिए परिजनों ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से उनकी बेटी की मौत के कारणों का पता लगाने की गुहार लगाई है। लड़की के पिता जगबीर उर्फ राजा ने बताया कि 31 दिसंबर को उसकी बेटी मुकेश सांगवान की परीक्षा पूर्ण होने के बाद करीब शाम सात बजे ऑनलाइन बात की गई। इसमें वह अच्छी परीक्षा की खुशी जाहिर कर 20 दिन की छुट्टियों में घर आने की बात कह रही थी। उस वक्त उनकी लंबी बात हुई, लेकिन ऐसी किसी घटना के बारे में कोई अंदेशा भी नहीं हुआ कि वह किसी परेशानी में है।
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रूस की संस्थान के कर्मचारी कर रहे गुमराह
युवती के पिता राजा ने बताया कि एक जनवरी को सुबह करीब साढ़े चार बजे उसके पास कॉलेज इंचार्ज का फोन आया। इसमें उसकी बेटी की हॉस्टल की दस मंजिल की ऊंचाई। से गिरकर मौत होने की बात कही गई। जिस पर उन्हें कोई विश्वास नहीं हुआ। उसके कुछ देर बाद ही फिर से हॉस्टल से फोन आया तो उसने अपनी बेटी के फोटो भेजने की मांग की, लेकिन हॉस्टल के कर्मचारियों द्वारा उन्हें बताया गया कि लड़की का चेहरा फटकर दो भागों में बटा हुआ है। जिसे आप देख नहीं सकेंगे। फिर भी पिता राजा ने उनसे कॉलेज की सीसीटीवी फुटेज की मांग की तो कॉलेज प्रशासन ने अपना बयान बदलते हुए कहा कि वह जिंदा है, लेकिन पौड़ियों से गिरने के कारण अस्पताल में दाखिल है। जिस पर उन्हें शक हो गया। रूस में रह रहे मृतक लड़की की मौसी की लड़की कॉलेज में पहुंची और मुकेश सांगवान की रूम मेट लड़कियों से मिलना चाहा, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने उनसे मिलने नहीं दिया। उसके पिता राजा ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी की मौत में साजिश है, इसलिए भारत सरकार ने मामले में हस्तक्षेप करके जांच करवाई जाए।

विदेश मंत्री के हस्तक्षेप से मिला शव
छात्रा के पिता राजा ने बताया कि कॉलेज प्रशासन द्वारा शव को देने से मना कर दिया था। शव देने से मना करने पर उन्होंने दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई गई। जिस पर कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रूस में भारतीय दूतावास के अधिकारियों से संपर्क किया और इस मामले में कार्रवाई के आदेश दिए। भारतीय दूतावास के अधिकारियों के प्रयास से सात जनवरी सुबह की फ्लाइट से शव भारत में भेज दिया गया। दिल्ली एयरपोर्ट से एम्बूलेंस के माध्यम से गांव पहुंचने पर शव का संस्कार किया गया।
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