जींद। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने रविवार को जुलाना, अलेवा, जींद, पिल्लूखेड़ा, नरवाना, सफीदों से मुख्यमंत्री आवास करनाल का घेराव करने के लिए कूच किया।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन संबंधित सीटू के जिला सचिव पवन कुमार ने बताया कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी 17 वर्षों से कार्य कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें नियमित नहीं कर रही है। सरकार नई पॉलिसी बना रही है, लेकिन सफाई कर्मचारियों को उनमें शामिल नहीं किया जा रहा है। गांवों के सरपंच राजनीति के चलते सफाई कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा रहे हैं। सफाई कर्मचारियों को ऑनलाइन हाजिरी लगाने के लिए कहा जा रहा है, जबकि बड़े अधिकारियों को ऐसा नहीं करना पड़ता है। सफाई कर्मचारियों का मानदेय 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने और सभी कर्मचारियों को पक्का करने की मांग है। जिन कर्मचारियों को निकाला गया है, उन्हें वापस नौकरियों पर लेकर उनका बकाया मानदेय देने की मांग है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार सफाई कर्मियों के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है। सरकार कच्चे कर्मियों को पक्का करने के लिए बनाई जा रही पॉलिसी में ग्रामीण सफाई कर्मियों को कवर किया जाए और एक कलम से हरियाणा के सभी ग्रामीण सफाई कर्मियों को स्थाई कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। यदि हरियाणा सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों को इस पॉलिसी में कवर नही किया तो प्रदेशभर के ग्रामीण सफाई कर्मचारी सड़क पर उतरकर आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस नाइंसाफी और शोषण के खिलाफ प्रदेश भर के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने करनाल में राज्य भर के ग्रामीण सफाई कर्मी अपनी मांगों को लेकर सीएम सिटी करनाल में हल्ला बोल रैली करने पर मजबूर हुए हैं।