संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। ग्रामीण सफाई कर्मियों ने वीरवार को बकाया वेतन दिलाने की मांग को लेकर जिला परिषद सीईओ कार्यालय पर थाली बजाकर प्रदर्शन किया। सफाईकर्मियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद अपनी मांगों का ज्ञापन सीईओ के सुपरिंटेंडेंट महावीर शर्मा को दिया।
प्रदर्शन से पहले लघु सचिवालय परिसर के बाहर धरना दिया, इसकी अध्यक्षता ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन प्रधान ईश्वर सिंह ने की। वहीं संचालन जिला सचिव पवन कुमार ने किया। यूनियन के जिला सचिव पवन कुमार ने कहा कि प्रदेशभर के 11 हजार सफाई कर्मचारी 17 साल से कच्चे कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे हैं। पक्का करने की मांग को लेकर पिछले 39 दिन से कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने सफाई कर्मियों की मांग को नकार दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री व पंचायत मंत्री के पास ग्रामीण सफाईकर्मियों के सवालों का कोई जवाब नहीं है।
यूनियन का सरकार के साथ 23 जनवरी को हुए समझौते में वार्षिक बढ़ोतरी, महंगाई भत्ता, औजार भत्ता, धुलाई भत्ता, वार्षिक अवकाश, कम आबादी पर भर्ती का पैमाना तैयार करने पर सहमति हुई थी, लेकिन कई मसलों का मुख्यमंत्री की घोषणा का जिक्र तक नहीं है। यूनियन नेताओं ने कहा कि अगर समय रहते ग्रामीण सफाई कर्मियों से सरकार ने बातचीत करके समाधान नहीं करती है तो 18 नवंबर को रोहतक में राज्य स्तरीय सम्मेलन बुलाकर वहां से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस अवसर पर बबीता, अंग्रेजो, गुड्डी, कमलेश, संजय, बीरेंद्र, मनफूल, सुभाष, नरेंद्र, सुरेंद्र, मुकेश, गुलाब, राजेंद्र ढांडा खेड़ी व कर्मबीर भंभेवा मौजूद थे।