संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को 33वें दिन भी जारी रही। शनिवार को ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने बराह कलां, बराह खुर्द, सुंदरपुर, पिंडारा, किनाना, भम्भेवा, गांगोली गांवों में सीएम के पुतले फूंके। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान कृष्ण मोरखी ने बताया कि प्रदेश सरकार ग्रामीण सफाई कर्मियों के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है।
सीएम के इशारे पर दिवाली त्योहार पर ग्रामीण सफाई कर्मियों का वेतन रुकवाया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 17 साल से ग्रामीण सफाई कर्मियों का सरकार द्वारा आर्थिक व सामाजिक शोषण होता रहा है, लेकिन अब कर्मचारियों ने अपने हक व अधिकारों के लिए लड़ना सीख लिया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष कृष्ण कुमार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों के हालात को सुधारने में कुछ भी सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि लिखित में वार्ता की चिट्ठी देने के बाद भी पंचायत मंत्री ने वार्ता को स्थगित कर दिया। इससे ग्रामीण सफाई कर्मियों में रोष है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सफाई कर्मियों को पक्का करने का वायदा करके प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई थी लेकिन नौ साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने उन्हें पक्का नहीं किया। इस अवसर पर कार्यकारी प्रधान ईश्वर सिंह बुआना, सचिव पवन कुमार, गुलाब बिरौली, कृष्ण लजवाना, कपूर बुढाखेड़ा, कर्मबीर भंभवा, पालाराम, नरेंद्र, मुकेश, नरेश, मनफूल, संजय मौजूद थे।