26 जून की भूख हड़ताल को लेकर चर्चा करते रोडवेज संगठन के पदाधिकरी। स्रोत : संगठन
जींद। रोडवेज अधिकारियों की मनमानी और कर्मचारी विरोधी फैसले लेने के खिलाफ प्रदेशभर के रोडवेज कर्मचारी 26 जून को रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के तत्वावधान में सामूहिक भूख हड़ताल करेंगे।
भूख हड़ताल को लेकर संघ के राज्य प्रधान आजाद गिल, महासचिव जगदीप लाठर, प्रदेश प्रवक्ता, राज्य उपप्रधान संदीप रंगा ने कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है तब से अफसरशाही का राज है। उच्च अधिकारी न तो सरकार की प्रवाह करते हैं और न ही सरकार यूनियन से वार्ता में मानी हुई मांगों को लागू कर रही है। वर्ष 2014 में सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों को दिवाली का बोनस भी नहीं दिया था, जबकि वर्ष 2013 में जब कर्मचारियों ने कांग्रेस सरकार की निजी पॉलिसी के खिलाफ तीन दिन की हड़ताल की थी तो भाजपा नेताओं तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामविलास शर्मा ने भी उनका समर्थन किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा ने रोडवेज को बर्बाद करने का काम किया है। सिर्फ वर्ष 2015 में ही सरकार ने दिवाली का बोनस दिया है।
उन्होंने कहा कि 2018 में रोडवेज चालक-परिचालक का ओवरटाइम टाइम बंद कर दिया गया। वर्ष 2023 में ऑनलाइन के बहाने कर्मचारियों के अधर-उधर तबादले कर दिए गए। सरकार रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को सुनने के बजाय तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। राज्य प्रधान ने कहा कि उच्च अधिकारी ही विभाग को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। इसके विरोध में गत दिनों सांझा मोर्चा ने पिहोवा में प्रदेशस्तरीय बैठक कर 26 जून को भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया था। अब सभी कर्मचारी अपने-अपने डिपो में सरकार और अधिकारियों के खिलाफ 26 जून की भूख हड़ताल करेंगे।
26 जून की भूख हड़ताल को लेकर चर्चा करते रोडवेज संगठन के पदाधिकरी। स्रोत : संगठन