जींद। हिट एंड रन संशोधन बिल के विरोध में ट्रांसपोर्ट और निजी बस चालकों की हड़ताल का रोडवेज डिपो को फायदा हुआ। दो दिन तक चली हड़ताल के चलते रोडवेज डिपो को 18-18 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।
रोडवेज बसों ने हड़ताल के दिनों में प्रतिदिन तीन-तीन लाख रुपये अतिरिक्त कमाए। इससे रोडवेज डिपो का राजस्व बढ़ा। रोडवेज डिपो ने दो दिन चली हड़ताल में यात्रियों को भी बेहतर परिवहन सुविधा दी। लंबे रूटों पर तो रोडवेज बसें समयसारिणी अनुसार चल ही रही थी वहीं खाली पड़े लोकल रूट पर रोडवेज बसों में यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाया। ऐसे में रोडवेज डिपो को दोहरा फायदा हुआ। रोडवेज डिपो के अनुसार बसें प्रतिदिन 11 लाख रुपये के लगभग कमाकर लाती हैं वहीं नरवाना और सफीदों सबडिपो की बसें तीन-तीन लाख के लगभग कमाती हैं। हड़ताल के दिनों में जींद डिपो की बसों ने तीन लाख रुपये अतिरिक्त आमदनी की वहीं नरवाना तथा सफीदों सबडिपो की बसों ने 50-50 हजार रुपये अतिरिक्त कमाए। ऐसे में तीनों डिपो और सबडिपो ने लगभग चार-चार लाख रुपये की राशि डिपो के राजस्व में जमा करवाए।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 26 दिसंबर को लोकसभा में न्याय संहिता बिल पारित किया था। चालक द्वारा घायल व्यक्ति को अस्पताल तक इलाज के लिए पहुंचाना होगा। यदि वाहन चालक द्वारा घायल व्यक्ति को अस्पताल तक नही पहुंचाया तो उसे दस साल की सजा और दस लाख रुपये का जुर्माना होगा। यदि घायल की इलाज के दौरान मृत्यु हो जाती है तो चालक को सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं जींद से 165 प्राइवेट बस चलती हैं, जिसमें से गोहाना रूट पर 18, नरवाना रूट पर 31, असंध रूट पर 17, पुंडरी रूट पर तीन, पानीपत रूट पर 30, बरवाला रूट पर 19 व हांसी रूट पर 26 बसें चलती हैं, जो हड़ताल के दौरान नहीं चल पाई थी।
कमाई के मामले में पांचवे स्थान पर पहुंचा डिपो
रिसिप्ट अच्छी आने पर जींद डिपो कमाई के मामले में प्रदेशभर में पांचवे स्थान पर पहुुंच गया है। जींद डिपो की बसें लंबे और लोकल रूटों पर दौड़ रही है, जिससे अच्छी रिसिप्ट आ रही हैं। डिपो प्रबंधन के आदेशानुसार बसों को समयसारिणी अनुसार चलाया जा रहा है। फरवरी से लेकर दिसंबर तक डिपो में 90 बसें शामिल हो चुकी है। डिपो में अब रोडवेज बसों की संख्या 198 हो गई है। 90 नई बसों में से 89 बसें रूटों पर दौड़ रही हैं जबकि एक बस की अभी पासिंग नहीं हुई है। जैसे ही उसके कागजात पूरे हो जाएंगे तभी उसको भी रूट पर उतार दिया जाएगा। आगामी दिनों में नई दस बसें रोडवेज बेड़े में शामिल होनी हैं। उनकी भी पासिंग करवाकर रूटों पर भेज दिया जाएगा।
हड़ताल के दिनों में रोडवेज कर्मचारियों ने गंभीरता से डयूटी की है। डिपो की बसों ने हड़ताल के दोनों दिन तीन-तीन लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी की, जिससे रोडवेज डिपो का राजस्व बढ़ा है।
कमलजीत सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद