जींद। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू कर रही है। इसका उद्देश्य पंजीकरण के बाद इंतकाल की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी करना है।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण के बाद पहले चार दिन इंतकाल पटवारी के लॉगिन में रहेगा। पांचवें दिन कार्रवाई नहीं होने पर यह स्वत: कानूनगो के लॉगिन में चला जाएगा। कानूनगो को दो दिन का समय मिलेगा।
सातवें दिन मामला स्वत: सीआरओ के लॉगिन में पहुंचेगा और उन्हें चार दिन में कार्रवाई करनी होगी। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर 11वें दिन इंतकाल स्वत: जमाबंदी में दर्ज हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जमाबंदी, इंतकाल, डिजिटल हस्ताक्षरित रजिस्ट्री समेत अधिक से अधिक राजस्व सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है। इसका लक्ष्य मानवीय हस्तक्षेप कम करना, जवाबदेही बढ़ाना और लोगों को समय पर सेवाएं उपलब्ध करवाना है।
डीसी ने बताया कि लंबित इंतकाल के लिए ऑनलाइन शिकायत पोर्टल की व्यवस्था की जाएगी। नागरिक दस्तावेजों सहित शिकायत दर्ज कर सकेंगे और संबंधित अधिकारी को 10 दिन में कार्रवाई करनी होगी। नियमों के अनुसार इंतकाल संभव होने पर प्रति उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि अस्वीकृति की स्थिति में सीआरओ को कारण सहित स्पीकिंग ऑर्डर जारी करना होगा।