जींद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीन साल पहले 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त एक्सईएन बनारसी दास को दोषी मानते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा उसे 70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषी सेवानिवृत्त होने से दस दिन पहले ही एसीबी ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार 21 अक्तूूबर 2022 को नरवाना के ढाकल निवासी अमित कुमार ने करनाल एसीबी को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने दुब्बल ड्रेन की सफाई का काम ठेके पर लिया हुआ है। इस कार्य के बिल की राशि छह लाख 13 हजार रुपये पास करने की एवज में नरवाना सिंचाई विभाई के एक्सईएन बनारसी दास 60 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। एसीबी की टीम ने इस पर कार्रवाई करते हुए छापेमारी एक्सईएन बनारसी दास को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी के खिलाफ 7-पीसी एक्ट, 1988 के तहत करनाल एसीबी थाना में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था। तभी से मामला विचाराधीन था। 12 दिसंबर 2022 को आरोपी बनारसी दास के खिलाफ चालान पेश किया गया था। वीरवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश जयवीर हु्ड्डा की अदालत ने बनारसी दास को दोषी करार दिया और 7 पीसी एक्ट 1988 के तहत चार साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 1313 (2) पीसी एक्ट के तहत पांच साल की सजा और 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।