जींद। शहर में आत्मनिर्भर नारी शक्ति की सशक्त और प्रेरणादायक मिसाल हैं रेणू मंगला और बेटी आस्था मंगला। मां-बेटी की जोड़ी ने कभी सरकारी या निजी नौकरी की चाह नहीं की बल्कि अपने हुनर, मेहनत और लगन के बल पर शहर में “नायाब मेकओवर अकादमी के नाम से एक मजबूत पहचान बनाई।
आज यह पार्लर सिर्फ सुंदरता बढ़ाने का केंद्र नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मंच भी बन चुका है। करीब 25 वर्ष पहले रेणू मंगला ने सीमित संसाधनों के साथ ब्यूटी पार्लर की शुरुआत की थी। उस समय समाज में महिलाओं का स्वरोजगार अपनाना आसान नहीं था लेकिन रेणू मंगला ने हार नहीं मानी। लगातार मेहनत और ग्राहकों के विश्वास से पार्लर ने धीरे-धीरे पहचान बनानी शुरू की।
करीब सात वर्ष पहले बेटी आस्था मंगला भी मां के इस सफर में कदम से कदम मिलाकर जुड़ गई। आस्था मंगला ने पंजाब की गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी से कॉस्मेटिक का कोर्स किया। इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर का ब्यूटी कोर्स भी पूरा कर आधुनिक मेकओवर तकनीक सीखी।
पढ़ाई के क्षेत्र में भी आस्था मंगला पीछे नहीं रहीं। उन्होंने पीजी और बीएड तक शिक्षा हासिल की। इतना ही नहीं आस्था मंगला को यूएसए का वर्क परमिट भी मिला लेकिन उन्होंने विदेश जाकर कॅरिअर बनाने के बजाय अपने शहर की महिलाओं के लिए कुछ करने का निर्णय लिया। यही फैसला उन्हें खास बनाता है। वर्तमान में मां-बेटी शहर में दो ब्यूटी पार्लर सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं।
आस्था मंगला अब तक 200 से अधिक लड़कियों को पार्लर का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। इससे वह आज अपने पैरों पर खड़ी होकर रोजगार कर रही हैं। खास बात यह है कि शहीद आर्मी पर्सन के परिवार की बेटियों और बहुओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा जिन बेटियों के अभिभावक नहीं हैं, उनकी शादी के अवसर पर उन्हें पार्लर में निशुल्क तैयार किया जाता है।
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आस्था मंगला की पहचान सीमित नहीं रही
आस्था मंगला की प्रतिभा और पहचान अब जींद तक सीमित नहीं रही। उन्हें दिल्ली, लुधियाना सहित कई बड़े शहरों में पार्लर प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। ब्यूटी कांटेस्ट में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और उनकी मां रेणू मंगला ने मिस जींद का खिताब अपने नाम किया।
रेणू मंगला और आस्था मंगला आज न सिर्फ अपने परिवार का बेहतर तरीके से जीवन यापन कर रही हैं बल्कि समाज को यह संदेश भी दे रही हैं कि महिलाएं अगर ठान लें तो अपने काम के दम पर पहचान बना सकती हैं। यह मां-बेटी आत्मनिर्भर नारी की सच्ची पहचान हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का मजबूत स्रोत भी।
03जेएनडी26: आस्था मंगला।- फोटो : kathua news