चार दिन पहले जुलाना में इलेक्ट्रानिक्स व्यापारी सुरेंद्र गुप्ता की गोली मारने के चार आरोपियों को पुलिस ने काबू किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि व्यापारी सुरेंद्र गुप्ता ने तीन नवंबर को दस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी, लेकिन फिरौती राशि देने में आनाकानी करने पर रात को घर जाते समय व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि पकड़े गए आरोपी कोकला गैंग से जुड़े है। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव बिसान झज्जर निवासी अमरजीत उर्फ जीता, गांव शादीपुर निवासी अजय वर्मा, जयदीप, गांव गतौली निवासी दीपक के रूप में हुई। इसमें वारदात को अंजाम देने का मुख्य सरगना अमरजीत उर्फ जीता है। अमरजीत पर इससे पहले भी जींद में दो हत्या की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर लेगी।
पुलिस के अनुसार जुलाना के इलेक्ट्रोनिक्स व्यापारी सुरेंद्र गुप्ता तीन नवंबर की रात को अपनी दुकान को बंद करके नौकर के साथ घर जा रहा था। जैसे ही वह अपने घर के पास पहुंचा तो बाइक सवार दो युवक आए और सुरेंद्र गुप्ता ने तीन गोलियां दाग दी और पीजीआई ले जाते समय सुरेंद्र गुप्ता की मौत हो गई थी। हत्या के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच में सुरेंद्र गुप्ता की दुकान पर कार्य करने वाले नौकर ने बताया कि तीन नवंबर की सुबह दुकान पर दो युवक आए थे और व्यापारी सुरेंद्र गुप्ता से दस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती की राशि नहीं देने पर गोली मारने की धमकी दी थी, लेकिन व्यापारी सुरेंद्र गुप्ता ने फिरौती की राशि देने से मना कर दिया। इसके बाद दोनों बदमाश वहां से चले गए, लेकिन रात को सुरेंद्र गुप्ता अपने नौकर के साथ घर की तरफ जा रहा था तो इसी दौरान वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया। सोमवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि कच्चा बाईपास के निकट व्यापारी सुरेंद्र गुप्ता की हत्या करने के आरोपी खड़े है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की और चार आरोपियों को काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया कि इस वारदात देने में आठ-दस अन्य लोग भी शामिल हैं। जिनकी सह पर ही उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों से वारदात में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
बीए, बीएससी प्रथम वर्ष में पढ़ते हैं तीन आरोपी
एसपी राजेंद्र मीणा ने बताया कि व्यापारी की हत्या करने में शामिल दो युवक पढ़ाई करते है। इसमें पकड़े गया युवक दीपक बीए प्रथम वर्ष का छात्र है और रोहतक के एक कालेज में पढ़ता है। जबकि आरोपी अजय रोहतक के एक कालेज में बीएससी प्रथम वर्ष में पढ़ता है। जबकि तीसरा आरोपी जयदीप रोहतक के एक कॉलेज में हेल्थ सेनेट्री इंस्पेक्टर का कोर्स करता है। पकड़े गए तीनों छात्र आरोपी गांव बिसान निवासी अमरजीत के संपर्क में आ गए और उससे प्रभावित होकर वारदात में शामिल हो गए।
नाबालिग होने के कारण हत्या के दो मामलों में बच निकाला था अमरजीत
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पकड़ा गया आरोपी अमरजीत उर्फ जीता जींद जिले व आसपास के क्षेत्र में सक्रिय कोकला गैंग से जुड़ा हुआ है। अमरजीत शातिर बदमाश संजीव उर्फ कोकला का ममेरा भाई है। अमरजीत ने नाबालिग अवस्था में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। अमरजीत ने एक सितंबर 2014 को गैंगवार में अपराधी संदीप मोखरा की जींद अदालत परिसर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। इसमें कोकला व संदीप मोखरा के बीच में गैंगवार चल रही थी। इसी तरह आठ सितंबर 2014 को सफीदों में डॉ. मनीष के क्लीनिक पर पहुंचकर उसे गोली मारकर उसकी हत्या की थी। जिस समय दोनों वारदातों को अंजाम दिया था आरोपी नाबालिग था, इसके कारण कानून के दाव पेंच से बच गया। लेकिन अब फिर से व्यापारी सुरेंद्र गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस को सूचना दे देते तो नहीं होता हादसा
एसपी राजेंद्र मीणा ने बताया कि तीन नवंबर की सुबह व्यापारी राजेंद्र गुप्ता के पास आरोपी अमरजीत उर्फ जीता व जयदीप दुकान पर पहुंचकर दस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। लेकिन फिरौती मांगने के बावजूद भी व्यापारी राजेंद्र गुप्ता ने इसके बारे में पुलिस को सूचित नहीं किया। अगर वह समय रहते पुलिस को इसके बारे में अवगत करवा देता तो हादसा टल जाता। एसपी ने व्यापारियों से आह्वान किया कि अगर व्यापारियों को कोई धमकी मिलती है तो तुरंत ही इसके बारे में पुलिस को सूचित करे। इसमें डर की कोई बात नहीं है और पुलिस व्यापारियों को पूरा सुरक्षा मुहैया करवाएगी।