संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। साइबर ठग लोगों को पुलिस वैरिफिकेशन, बैंक कर्मचारी या अन्य विभाग अधिकारी बनकर ठग रहे हैं। पुलिस ने 81 ऐसे अपराधियों को काबू कर उनसे 30.86 लाख बरामद कर चुकी है। वहीं जागरूकता के कारण भी 95 लोग ठगी होने से बच गए। उन्होंने अपने 1.19 करोड़ रुपये भी ठगने से बचा लिए।
एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि जिले में साइबर क्राइम के मामले कम हुए हैं। वर्ष 2024 में कुल 3,617 शिकायतें आई और 127 मामले दर्ज हुए। वहीं 2025 में 2,744 शिकायत मिली और 105 मामले दर्ज किए गए हैं।
वर्ष 2024 में गिरफ्तार किए गए 50 साइबर ठगों से 9.54 लाख की राशि रिकवर की गई वहीं इस साल में अब तक 81 अपराधियों को गिरफ्तार करके 30.86 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। असली पुलिस व्हाट्सएप कॉल करने कि बजाय फिजिकल जांच करती है।
कुछ दिन पहले जिले की एक महिला को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आया। स्क्रीन पर पुलिस की वर्दी, सील लगी फाइलें और गंभीर आवाज में साइबर ठग ने कहा कि आपके नाम पर गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल सिम कार्ड मिला है इसलिए मामला दर्ज किया जा रहा है।
तुम्हें डिजिटल गिरफ्त में रखा जाएगा। भ्रम व डर के कारण महिला उनके जाल में फंस चुकी थी लेकिन तभी उसे याद आया कि असली पुलिस तो फिजिकल जांच करती है। महिला समझदारी दिखाते हुए ठगी से बच गई। इसके बाद 1930 नंबर पर ठग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी।