जींद। कंप्यूटर प्रोफेशनल्ज संघ के आह्वान पर सोमवार को सरकारी विभागों में कार्यरत कंप्यूटर प्रोफेशनल्ज ने अपनी दो दिवसीय हड़ताल शुरू की। इसके कारण डीसी कार्यालय, तहसील से संंबंधित कामकाज प्रभावित रहा। जिससे लोग कार्यालयों में चक्कर काटते नजर आए। डीसी कार्यालय, एसडीएम, डीआरओ, तहसील कार्यालय व सरल केंद्र में सभी कुर्सियां खाली रही।
अधिकतर लोगों को हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण दिनभर विभिन्न कार्यों के लिए भटकते रहे। कुछ लोग हड़ताल की जानकारी मिलने के बाद वापस घरों को लौटने के लिए मजबूर हुए। जिला प्रधान सुनील मेहरा, महामंत्री नितिन खर्ब ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर अमल नहीं कर रही है। 11 सितंबर 2019 को भारतीय मजदूर संघ हरियाणा के साथ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सेवा नियम की सैद्धांतिक स्वीकृति और तमाम औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए आईटी विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी थी, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए निर्णय के बाद भी आजतक कोई भी मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर पैदल यात्रा निकाली थी और इस दौरान कंप्यूटर प्रोफेशनल्ज ने गिरफ्तारियां तक दी थी। जिस पर अधिकारियों से सकारात्मक बातचीत भी हुई थी, लेकिन मांगों पर अमल नही हुआ। जिस पर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
ये रही मांग
-जिला आईटी सोसायटी डीआईटीएस का केंद्रीयकरण करते हुए बजट का प्रावधान किया जाए।
-सभी कार्यरत्त कर्मचारियों के पद सर्जित किए जाएं।
-एचकेआरएनएल में भेजे गए सभी कर्मचारियों को वापस डीआईटीएस में किया जाए।
-58 वर्ष तक सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए।
-डीआईटीएस में कार्यरत कर्मचारियों को पद में अनुभव और योग्यता अनुसार समान काम समान वेेतन दिया जाए।
-सरकार रेगुुलाईजेशन की पॉलिसी बनाती है तो डीआईटीएस को भी शामिल किया जाए।
-डीआईटीएस में कार्यरत कर्मचारियों को ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत लाभ प्रदान किया जाए।
-डीआईटीएस में कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ प्रदान किया जाए।
-डीआईटीएस में कार्यरत कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि और डीए का लाभ दिया जाए।