बुधवार को करनाल विजिलेंस की टीम ने शहर में करीब आधा दर्जन स्थानों पर छापेमारी कर डीईओ जोगेंद्र हुड्डा की गिरफ्तारी का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
बता दें कि रिश्वत मामले में डीईओ पर भी मामला दर्ज किया गया है। अब विजिलेंस उन सभी फाइलों की जांच करेगी, जिनमें डीईओ ने स्कूलों को मान्यता दी है।
जोगेंद्र सिंह हुड्डा ने दो साल पहले 27 फरवरी 2014 को जींद में कार्यभार संभाला था। करनाल विजिलेंस के निरीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में टीम बुधवार शाम 04:22 बजे डीईओ कार्यालय पहुंची।
इस दौरान विजिलेंस टीम ने विजिटर रजिस्टर से लेकर स्कूलों की मान्यता के रजिस्टर तक की बारीकी से जांच की। अब विजिलेंस टीम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रिकॉर्ड जांच की योजना बना रही है।
इससे पहले विजिलेंस की टीम डीसी कॉलोनी स्थित डीईओ निवास पर भी पहुंची, लेकिन यहां कोई नहीं मिला। इसके बाद टीम डीईओ कार्यालय में पहुंची।
पहले मना किया, सख्ती दिखाई तो रिकॉर्ड सामने रख गया स्टाफ
जांच के दौरान विजिलेंस की टीम ने कुछ रजिस्टर मांगे, लेकिन डीईओ कार्यालय के स्टाफ ने उनके उपलब्ध होने से ही मना कर दिया। इसके बाद विजिलेंस टीम ने सख्ती से रजिस्टरी मांगे तो सभी रिकॉर्ड उपलब्ध करवा दिया गया।
कंप्यूटर से भी निकाला रिकार्ड
रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी जोगेंद्र सिंह हुड्डा ने तीन दिन की छुट्टी के लिए आवेदन किया था। इसके बाद एक महीने की छुट्टी के लिए और आवेदन किया है।
दोनों ही आवेदन ईमेल से भेजे गए हैं। ऐसे में विजिलेंस की टीम ने डीईओ कार्यालय के कंप्यूटर को खंगाला और जानकारी जुटाई।
हर फाइल की बारीकी से होगी जांच
वहीं इस मामले में अब विजिलेंस डीईओ जोगेंद्र सिंह हुड्डा के नजदीकियों की जांच शुरू कर सकती है। दरअसल विजिलेंस को सूचना मिली है कि डीईओ कार्यालय में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल चल रहा था। इसके चलते अब डीईओ ऑफिस की हर फाइल की जांच बारीकि से की सकती है।
छुट्टियां मजूर हुई या नहीं, ससपेंस
हालांकि सात फरवरी को डीईओ जोगेंद्र सिंह हुड्डा ने एक महीने की मेडिकल लीव के लिए आवेदन किया है, लेकिन उनकी छुट्टी स्वीकृत हुई हैं या नहीं अभी इस बारे में साफ नहीं है। शिक्षा विभाग के अधिकारी इस बारे में कोई भी जानकारी देने से बच रहे हैं।
अभी जांच जारी
रिश्वत मामले में विजिलेंस जांच कर रही है। डीईओ के हर ठिकाने पर सूत्रों की नजर है। इसके चलते ही जींद में चार-पांच जगह छापेमारी की गई है, लेकिन डीईओ गिरफ्तार नहीं हो सके हैं।
संजीव कुमार, निरीक्षक विजिलेंस करनाल।