करीब 15 दिन पहले रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए डीईओ कार्यालय के सहायक की अलमारी का रिकार्ड खंगालने के लिए करनाल विजिलेंस टीम बृहस्पतिवार को जींद पहुंची। टीम ने देर शाम तक सहायक की अलमारी से महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला।
सूत्रों के अनुसार इस दौरान विजिलेंस को काफी संख्या में ऐसी फाइलें मिली हैं, जिन पर डायरी और डिस्पैच नंबर तक नहीं है। अब विजिलेंस इनकी जांच करेगी कि मुनीराम ने इन फाइलों को अपनी अलमारी में क्यों रखा था। वहीं इस मामले में अभी तक डीईओ जोगेंद्र सिंह हुड्डा की गिरफ्तारी विजिलेंस नहीं कर पाई है।
गौरतलब है कि शामलो खुर्द गांव के एक निजी स्कूल को मान्यता देने के नाम पर डीईओ कार्यालय के सहायक मुनीराम को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू किया था। विजिलेंस ने डीईओ जोगेंद्र हुड्डा के खिलाफ भी केस दर्ज किया है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। डीईओ ने एक महीने की मेडिकल लीव दी है, लेकिन विभाग के अधिकारी छुट्टियां मंजूर या रद्द होने पर कभी नहीं बोल रहे हैं।
निलंबित हो चुके हैं सहायक
इस मामले में शिक्षा विभाग ने सहायक मुनीराम बूरा को निलंबित कर दिया है। वहीं डीईओ के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है। विजिलेंस शिक्षा विभाग को डीईओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा है।
डीईईओ को मिला प्रभार
इसी बीच शिक्षा विभाग ने डीईईओ सतबीर सिंह सरोहा को जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। हालांकि उप जिला शिक्षा अधिकारी राजलक्ष्मी मौजूद हैं, लेकिन फिलहाल प्रभारी डीईईओ को दिया गया है।
रिकार्ड की जांच के लिए विजिलेंस की टीम जींद आई हुई है। इसके तहत सहायक मुनीराम की अलमारी का रिकार्ड भी जांचा जा रह है। रिकार्ड जांच के बाद कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
संजीव कुमार, विजिलेंस निरीक्षक, करनाल।
होगी सख्त कार्रवाई
भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में सरकार ढील नहीं बरतेगी। ऐसे में भ्रष्टाचार करने वाले हर कर्मचारी और अधिकारी पर सख्त कार्रवाई होगी। इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन कार्रवाई तय है।
अमरेंद्र सिंह, ओएसडी सीएम