जींद। वीरवार को लघु सचिवालय परिसर में आयोजित समाधान शिविर में जलालपुर कलां गांव के ग्रामीणों ने 100-100 वर्ग गज के प्लाटों की मांग को लेकर एडीसी से मिले। उन्होंने बताया कि गांव के कई परिवारों को आज तक रिहायशी प्लॉट उपलब्ध नहीं करवाए गए। इस कारण उन्हें जीवन यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समाधान शिविर में आए हुए राजेश, श्यामलाल नंबरदार, जयपाल, जगदीश, सुरेश, नरेश, चमेली, सुशील, सतपाल, महिपाल, ईश्वर, कर्मपाल, रोशनी, मीना, सरोज व पूनम ने कहा कि अधिकांश परिवार कठिनाइयों का सामना करके जीवन बिता रहे हैं। एक ही मकान में दो-दो, तीन-तीन पीढ़ियां रह रही हैं और नाममात्र ही जमीन है।
बारिश मौसम में घरों में पानी भर जाता है। गर्मी में छत की कमी से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत खराब हो जाती है और सर्दी में उचित आवास नहीं होने से परिवारों को खुले वातावरण में रहना पड़ता है। ग्रामीण पवन कुमार ने कहा कि उसके पास रहने की स्थाई जगह नहीं है। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। बुजुर्गों को उचित देखभाल नहीं मिल रही। ग्रामीणों ने कहा कि आवास उनकी सबसे बड़ी आवश्यकता है।
राजेश कुमार ने कहा कि यह मुद्दा केवल एक सुविधा का नहीं बल्कि मानव जीवन की बुनियादी जरूरतों से जुड़ा हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई कर पात्र परिवारों को प्लॉट उपलब्ध कराएगा ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें। ग्रामीणों ने कहा कि शिविर में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्या सुनकर आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि संबंधित विभागों से समन्वय कर आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्लॉट उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।