जींद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जब देशभर में महिलाओं की उपलब्धियों और योगदान को सम्मान दिया जा रहा है वहीं समाजसेवी रमनप्रीत कौर प्रेरणा का उदाहरण बनकर उभरती हैं। वर्ष 2025-26 के लिए इनरव्हील क्लब जींद की प्रधान के रूप में वह सेवा, संवेदनशीलता और नेतृत्व का प्रभावी संगम प्रस्तुत कर रही हैं।
वर्ष 2013 में इनरव्हील क्लब से जुड़ने के बाद से ही रमनप्रीत कौर ने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान को अपना लक्ष्य बना लिया। उनका मानना है कि शिक्षा ही सशक्त समाज की आधारशिला है। इसी सोच के तहत उन्होंने जरूरतमंद और मेधावी छात्राओं को कॉलेज शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया। उनके इस प्रयास से कई बेटियों को पढ़ाई जारी रखने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
उन्होंने क्लब के माध्यम से अनाथालयों, झुग्गी झोपड़ी, सार्वजनिक स्थानों पर त्योहारों के समय कपड़े, मिठाई व फल वितरित करती हैं। इसके अलावा स्कूलों में छात्राओं को स्टेशनरी से लेकर अन्य जरूरत की वस्तुएं भेंट करती हैं। हालांकि वह खुद की आजीविका भी रेडीमेड कपड़ों का शोरूम चलाकर कर ही हैं। इससे होने वाली आमदनी का 10 प्रतिशत हर महीने जरूरतमंदों की सहायता में लगाती है।
उनके नेतृत्व में क्लब द्वारा विद्यालयों में जल संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सेव वाटर अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया गया। रमनप्रीत कौर कहती हैं कि यदि बचपन से ही बच्चों में जिम्मेदारी की भावना विकसित हो जाए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है।
सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता केवल जागरूकता अभियानों तक सीमित नहीं है। सर्दियों में कंबल वितरण, जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की मदद करना उनके नियमित सेवा कार्यों में शामिल है। जरूरतमंद परिवार की बेटियों के विवाह में सहयोग देकर उन्होंने सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय गरिमा की मिसाल पेश की।
महिला सशक्तीकरण उनके कार्यों का प्रमुख केंद्र है। प्रेरणादायक सत्रों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रयासों से कई महिलाएं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने लगी हैं।
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छोटी-छोटी पहल बड़े बदलाव करती हैं
रमनप्रीत कौर का विश्वास है कि छोटी-छोटी पहल बड़े बदलाव करती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उनका कार्य यह संदेश देता है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो एक महिला समाज में सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त धुरी बन सकती है।