जींद। रक्षाबंधन पर इस बार राखी की डोर के साथ सम्मानजनक भाषा का संदेश दिया जाएगा। बाल एवं महिला अधिकार कार्यकर्ता और सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक सुनील जागलान ने ‘रक्षा बंधन की डोर, गाली बंधन की ओर’ अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य भाई-बहन के रिश्ते के साथ समाज में महिलाओं के सम्मान और गरिमापूर्ण भाषा को बढ़ावा देना है।
अभियान के पहले चरण में देशभर की लड़कियों को 1500 से अधिक पोस्टकार्ड और डिजिटल पोस्टकार्ड भेजे गए हैं। इनमें बहनों से अपील की गई है कि वे राखी बांधते समय भाइयों से मां, बहन और बेटी से जुड़ी गालियां न देने का वचन लें।
अभियान के तहत बहनें भी गाली न देने और कोई व्यक्ति अपशब्द बोले तो उसका विरोध करने की शपथ लेंगी। वचन और शपथ का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने वाले प्रतिभागियों में से तीन सर्वश्रेष्ठ फोटो और वीडियो का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।
जागलान ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई से रक्षा का वचन लेने का पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान की रक्षा का भी अवसर है। महिला-केंद्रित गालियां समाज में महिलाओं के प्रति अपमानजनक सोच को बढ़ावा देती हैं।
2014 में बीबीपुर से शुरू हुई मुहिम
जागलान ने 2014 में बीबीपुर के सरपंच रहते हुए पंचायत बैठकों में महिला-केंद्रित गालियों पर रोक लगाई थी। इसके बाद गाली बंद घर अभियान को देशभर में विस्तार मिला। उनके अनुसार 70 हजार से अधिक लोगों के सर्वेक्षण के जरिए अभियान का प्रभाव सामने आया है और कई गांवों व घरों को गाली बंद घोषित किया जा चुका है।