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Jind News: खेड़ा खेमावती पशु अस्पताल की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

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27 सफीदों 01गांव खेड़ा खेमावती के  पशु चिकित्सालय में उगी हुई घास फुस। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सफीदों। गांव खेड़ा खेमावती का पशु चिकित्सालय बदहाल स्थिति में है। लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद पशुपालकों को यहां पशुओं के इलाज की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वीरवार सुबह भी डॉक्टर के समय पर नहीं पहुंचने से पशुपालकों ने नाराजगी जताई और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
ग्रामीणों राजेश, हरिओम, कुलदीप, राजेंद्र और विजय आदि ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर के केबिन पर अक्सर ताला लटका रहता है। परिसर में भी अव्यवस्थाओं का आलम है। अस्पताल की चारदीवारी टूटी हुई है और भवन के कई हिस्से खंडहरनुमा नजर आते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पशुओं के इलाज के लिए यहां पर्याप्त सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
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ग्रामीणों ने कहा कि कागजों में अस्पताल में बेहतर व्यवस्थाएं दिखाई जा रही होंगी लेकिन मौके की स्थिति इसके विपरीत है। उनका दावा है कि उन्होंने लंबे समय से किसी किसान या पशुपालक को अपने पशुओं का इलाज कराने के लिए अस्पताल में आते नहीं देखा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि डॉक्टर के केबिन पर अक्सर ताला लगा होने के कारण पशुपालकों को मजबूरन निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कभी-कभी एक निजी डॉक्टर कुछ समय के लिए अस्पताल में आकर खानापूर्ति करके चला जाता है।
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उन्होंने अस्पताल में आने वाली दवाओं के वितरण और उपयोग की भी जांच कराने की मांग की है। हालांकि, दवाओं के दुरुपयोग संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से अस्पताल की व्यवस्था सुधारने, भवन व चारदीवारी की मरम्मत कराने तथा डॉक्टर की नियमित और समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है।
उनका कहना है कि पशुपालकों की आजीविका पशुओं पर निर्भर है, इसलिए अस्पताल में उपचार की उचित सुविधा होना जरूरी है।
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