नरवाना। कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों तो हालात कभी बाधा नहीं बनते। यही साबित कर दिखाया है दबलैन गांव की पुष्पा देवी ने, जो आज हजारों महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और संघर्ष की मिसाल बन चुकी हैं।
गीता स्वयं सहायता समूह के माध्यम से वह महिलाओं को रोजगार से जोड़ रही हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रही हैं। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली पुष्पा देवी ने अपनी मेहनत और लगन से खुद का जीवन संवारा और अब दूसरों की जिंदगी बदलने का जिम्मा उठा लिया है।
पंजाब नेशनल बैंक कृषक प्रशिक्षण केंद्र, सच्चा खेड़ा में बतौर ट्रेनर कार्य करते हुए महिलाओं को सेनेटरी पैड बनाना, सिलाई मशीन चलाना, ब्यूटी पार्लर का काम, अचार और मुरब्बा तैयार करना जैसे प्रशिक्षण देती हैं। पुष्पा देवी के मार्गदर्शन में अब तक करीब 90 महिलाएं सिलाई मशीन का प्रशिक्षण लेकर अपना खुद का रोजगार शुरू कर चुकी हैं।
पुष्पा देवी केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहीं उन्होंने समाज सेवा को भी अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। उन्होंने अब तक आठ से नौ गरीब परिवारों की बेटियों की शादियां करवाईं। उसका सारा खर्च खुद वहन करती है।
वहीं कई ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता नहीं हैं या जिनके पास आर्थिक साधन नहीं हैं, उनकी स्कूल फीस भरने में भी मदद की है।
पुष्पा देवी ने बताया कि उनकी मदद से पढ़कर एक बच्चा अब पॉलिटेक्निक करके प्रोफेसर बन चुका है। यह उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी है।