बैठक में अधिकारियों से जवाब-तलब करते उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला। संवाद
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जींद। नचारखेड़ा गांव में लोगों को बिना जलघर के ही पानी के बिल भेजने पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जब गांव में जलघर ही नहीं है तो पानी के बिल कैसे भेजे। इस पर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने निर्देश दिए कि तुरंत इन बिल को वापस लिया जाए।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला वीरवार सुबह जिला अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उनके सामने मामला आया कि गांव नचारखेड़ा में अभी तक जलघर नहीं बना है। इसके बावजूद जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को पानी के बिल थमा दिए। इस पर उपमुख्यमंत्री काफी तलख हो गए। उन्होंने तुरंत जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तलब करते हुए जवाब मांगा। इस पर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही किसी भी सूरत में सहन नहीं की जाएगी। तुरंत इन बिल को वापस लें।
जन स्वास्थ्य विभाग की एसडीओ सुनीता ने बताया कि नचारखेड़ा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के तहत जलघर का निर्माण होना है। फिलहाल इसके लिए बजट नहीं आया है। पहले नचारखेड़ा गांव में पानी की सप्लाई उदयपुर से की जाती थी। उदयपुर, नचारखेड़ा और दुर्जनपुर गांवों के एक साथ बिल कंप्यूटराइज्ड बनते हैं। इसी कारण नचारखेड़ा के बिल भी बन गए। इन बिल को वापस लिया जा रहा है।