जींद। भाकियू की बैठक वीरवार को राजपुरा भैण और गुलकनी गांव में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला की अध्यक्षता में हुई। इसमें मांगों को लेकर 26 नवंबर को पंचकूला में राजभवन में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन राज्यपाल को सौंपने का निर्णय लिया गया। इस दौरान किसानों ने इस कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता ग्रामीणों को दिया।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन पर सहमति के दौरान केंद्र सरकार ने किसानों से कई वादे किए थे। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करना, कर्ज मुक्ति, बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी, पांच हजार रुपये प्रति माह किसान पेंशन देने की मांग प्रमुख थी। जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल ने केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि भारतीय किसान यूनियन ने फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। किसान नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति के समक्ष केंद्र सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों की पोल खोलने के लिए भाकियू के नेताओं गांवों में जाकर किसान व मजदूरों को जागरूक करना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि पंचकूला में सड़कों पर सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में नारेबाजी करते हुए रोष जाहिर किया जाएगा।