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Jind News: मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन का प्रांतीय सम्मेलन 30 व 31 को

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30जेएनडी16: मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की बैठक को संबो​धित करते हुए वक्ता। स्रोत यूनियन
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जींद। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की बैठक सोमवार को जिला सचिव सुनीता की अध्यक्षता में यूनियन कार्यालय में हुई। इसमें मुख्यातिथि के तौर पर मिड-डे मील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सीटू प्रदेश महासचिव जय भगवान ने शिरकत की। बैठक में निर्णय लिया गया कि न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी, पक्की नौकरी, पेंशन लाभ की मांग को लेकर मिड-डे मील वर्कर्स का 30 व 31 मार्च को जींद में प्रांतीय सम्मेलन किया जाएगा।
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बैठक को संबोधित करते हुए जयभगवान ने कहा कि प्रदेश में 30 हजार व देश में 25 लाख के करीब मिड-डे मील वर्कर काम कर रही हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण का दावा करने वाली केंद्र सरकार द्वारा पिछले 11 साल से मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय में एक रुपये की भी बढ़ौतरी नहीं की गई। केंद्र सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति(एनइपी)-2020 लेकर आई है। उसमें कम बच्चों वाले स्कूलों को बंद किया जा रहा है और स्कूल मर्ज किए जा रहे हैं। सीटू जिला कोषाध्यक्ष संदीप जाजवान और यूनियन जिला सचिव सुनीता ने कहा कि राज्य सम्मेलन से पहले आठ फरवरी को जिला का सांगठनिक सम्मेलन किया जाएगा। इससे पहले तीन जनवरी को जींद ब्लॉक, पांच जनवरी नरवाना और उचाना का सम्मेलन होगा।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में वर्करों से भारी बेगारी करवाई जा रही है। उन्होंने मांग की है कि 45वें श्रम सम्मेलन के निर्णय अनुसार मिड-डे मील वर्कर्स को 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। वेतन 12 महीने मिले। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 रद्द हो। सभी वर्करों को रिटायरमेंट पर सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जाएं। 12वीं कक्षा तक के सभी बच्चों को मिड-डे मील योजना के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार केंद्रीय बजट में मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं करती है तो तीन फरवरी को देशभर में प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर कविता, राजवंती, राधा देवी, मीना, रजनी, रेमन, सुमन, सरोज, पिंकी मौजूद रही।
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